पीएम मोदी ने किया ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ का ऐलान, राहुल गांधी ने दिया जवाब, बोले- ‘युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाया’

Summary :

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की घोषणा की है। उन्होंने युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शने से इनकार करते हुए इसे छात्रों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। हालांकि, उनके इस ऐलान पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने ही देश के युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एक्स पर ट्वीट कर ऐलान किया कि पेपर लीक के दोषियों को सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट् का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने इस फैसले को छात्रों के हित के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। प्रधानमंत्री के इस ट्वीट पर राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए जवाब दिया है।

पीएम मोदी के ट्वीट पर राहुल गांधी का पलटवार

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी के ट्वीट पर जवाब दिया कि ‘आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया है।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘आपने न सिर्फ हमारी एजुकेशन सिस्टम पर पूरा कब्ज़ा होने और उसे बर्बाद होने दिया, उसे बढ़ावा भी दिया और इसके ज़िम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया।’ उन्होंने छात्रों की तीन मांगों का भी जिक्र किया-

1. धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं।

2. छात्रों से माफ़ी मांगे।

3. छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें।

PM मोदी ने किया फास्ट ट्रैक कोर्ट्स के गठन का ऐलान

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर सजा देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।”

उन्होंने लिखा, “विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए सरकार की ओर तरफ से लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के लिए बता दें कि 20 जून से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू किया। इस प्रदर्शन में सोनम वंगुचक भी शामिल हुए और उन्होंने मांग पूरी न होने तक भूख हड़ताल की घोषणा की। बीते 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने वांगचुक को जबरदस्ती दिल्ली AIIMS में भर्ती कराया, हालांकि अभी वह मेदांता में भर्ती हैं। CJP का 20 जुलाई संसद मार्च था, इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई। जिसके बाद पुलिस ने 10 अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी से जांच शुरू की। इसके बाद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों के साथ हुई बर्बरता के खिलाफ विपक्षी संसद के अंदर और बाहर सरकार को घेर रहे हैं।

Also Read: दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशन बंद, तीन स्टेशनों पर होगा इंटरचेंज

Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।