लखनऊ, 19 मई (आईएएनएस)। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि जिस दिन 3 रुपए बढ़ाए गए थे, उसी दिन मैंने कहा था कि यह सिर्फ ट्रेलर है।
प्रमोद तिवारी ने कहा कि एक बात की और जांच होनी चाहिए कि क्या पेट्रोलियम पदार्थ बाहर भेजे गए हैं। मेरा कहना है कि पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि तेल कंपनियों ने लगभग 30 लाख करोड़ रुपए कमाए हैं। कांग्रेस की सरकार ने कीमतों को 60-70 रुपए से ज्यादा नहीं जाने दिया था। अब ऐसी कौन सी मजबूरी है कि कीमतें 100 रुपए के करीब पहुंच रही हैं?
कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि मेरा भी मानना है कि लोग सड़कों पर तभी यात्रा कर पाएंगे, जब बिजली और पेट्रोल की कीमतें इतनी कम हों कि लोग उन्हें वहन कर सकें। इससे भी ज्यादा गंभीर मुद्दा यह है कि सरकार ने न तो सही दूरदर्शिता दिखाई और न ही कोई तैयारी की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में खुद ही डर का माहौल बना दिया, जिसमें लोगों को जगह खाली करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की चेतावनी दी गई। इसके बजाय उन्हें सरकार की नाकामियों और जनता को हो रही दिक्कतों के बारे में भी बात करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि एलपीजी के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। लड़कियों की शादी के लिए सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। इन समस्याओं पर सरकार को ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
बलिया के एक व्यक्ति ने कहा कि कीमतें काफी बढ़ गई हैं। इससे आम जनता को परेशानी हो रही है। हर चीज महंगी हो गई है। गैस, डीजल और पेट्रोल, सब कुछ महंगा हो गया है।
दिल्ली के एक व्यक्ति ने कहा कि कीमतें बढ़ने से परेशानी हो रही है, लेकिन काम रोक नहीं सकते। काम तो करना ही पड़ेगा। वहीं, एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि कुछ दिक्कतें होंगी, लेकिन फिर भी सब ठीक है।
–आईएएनएस
एसडी/एएस
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