विदेश मंत्री एस. जयशंकर के पीओके (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) पर दिए बयान को लेकर छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं दिग्गज कांग्रेस नेता टी.एस. सिंह देव ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान की सेना ने कश्मीर का कुछ हिस्सा हमसे छीन लिया था, जो निश्चित रूप से वापस होना चाहिए।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा था, “कश्मीर में वास्तव में हमने बहुत अच्छा काम किया है। मुझे लगता है कि हमने इसका अधिकांश समाधान कर लिया है। अनुच्छेद 370 को हटाना पहला कदम था। फिर, कश्मीर में विकास और आर्थिक गतिविधियों को बहाल करना और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना दूसरा कदम था। चुनाव कराना, जिसमें बहुत अधिक मतदान हुआ, यह तीसरा कदम था। मुझे लगता है कि हम जिस हिस्से की प्रतीक्षा कर रहे हैं, वह कश्मीर का वह हिस्सा है जो अवैध पाकिस्तानी कब्जे में है। जब यह हो जाएगा, तो मैं आपको आश्वस्त करता हूं, कश्मीर का मुद्दा हल हो जाएगा।”
कांग्रेस नेता टी.एस. सिंह देव ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, “देश जब विभाजित हुआ, उस समय कश्मीर रियासत के एक हिस्से को पाकिस्तान की सेना ने छीन लिया था और उसे अपने कब्जे में ले लिया था। ऐसे में निश्चित रूप से वह वापस होना चाहिए। उस समय रियासत के जो महाराजा थे, उन्होंने भारत के साथ संधि की और अपने पूरे राज्य को भारत में जोड़ने की संधि उन्होंने कर रखी है। ऐसे में पीओके भारत को वापस मिलना ही चाहिए, इसमें कोई दो राय नहीं है।”
महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी के मुगल शासक औरंगजेब की तारीफ करने के बाद उन्हें पूरे बजट सत्र के लिए निष्कासित करने पर टी.एस. सिंह देव ने कहा, “औरंगजेब हिंदुस्तान के इतिहास का एक प्रमुख पात्र रहा है। हम उसके सभी कामों से भले सहमत नहीं हों, लेकिन ऐसा नहीं है कि उनका नाम नहीं लिया जा सकता। देश के कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि ऐसी गलती करने वालों का आप नाम नहीं ले सकते। औरंगजेब को कट्टर विचारधारा और दूसरे धर्म के धार्मिक स्थलों को तोड़ने के लिए पहचाना जाता है। दूसरे धर्म के लोगों में भी ऐसे लोग हैं, तो क्या उनका नाम नहीं लिया जा सकता?”


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