पटना: उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को लेकर बिहार में सियासी उठापटक जारी है। आरजेडी ने आज अपने विधायक दल की बैठक बुलाई तो जेडीयू ने भी अपने विधायकों की एक दिन बाद यानी गुरुवार को प्रस्तावित बैठक आज ही बुला ली। माना जा रहा है कि दोनों दलों के विधायक दलों की बैठक में तेजस्वी के इस्तीफ़े को लेकर रणनीति बनेगी। सूत्रों के मुताबिक-शुक्रवार से शुरू हो रहे बिहार विधानसभा के मॉनसून सत्र से पहले नीतीश कुमार हर हाल में तेजस्वी यादव का इस्तीफ़ा चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने एकबार फिर कहा है कि वे सरकार की छवि को दागदार नहीं होने देंगे। अगर तेजस्वी ख़ुद से इस्तीफ़ा नहीं देते हैं तो नीतीश उन्हें बर्खास्त कर सकते हैं। इस बीच ख़बर यह भी है कि सोमवार को तेजस्वी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से बात कर अपना पक्ष रखा था। इससे पहले राष्ट्रपति के शपथ ग्रहाण समारोह के लिए दिल्ली आए नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार को कोई ख़तरा नहीं है।
आज होने जा रही दोनों दलों की बैठक के बारे में राजनीतिक सूत्र बताते हैं कि जेडीयू में तेजस्वी के इस्तीफे की मांग जोर पकड़ेगी और नीतीश तजेस्वी के सामने जनता के सामने अपना स्पष्टीकरण देने की बात रखेंगे। उधर, आरजेडी के बारे में सूत्रों का कहना है कि लालू यादव ने एकबार फिर साफ कर दिया है कि तेजस्वी न तो इस्तीफा देंगे और न ही जनता के सामने कोई सफाई. वे जांच एजेंसियों का सामना करेंगे और वहीं खुद को पाक-साफ साबित करेंगे। तेजस्वी ने अपने बचाव में पिछले हफ्ते नीतीश से मुलाकात की थी। जानकार बताते हैं कि तेजस्वी नीतीश को मनाने में असफल रहे। तब उन्होंने सोनिया गांधी से फोन पर बात करके मामले को सुलझाने की पेशकश की। सोनिया गांधी की कांग्रेस पार्टी बिहार महागठबंधन में तीसरे नंबर की पार्टी है।
पिछले दिनों चर्चा थी कि नीतीश और लालू के बीच सुलह कराने में सोनिया गांधी ने कोशिश की थी। पिछले सप्ताह नीतीश कुमार ने दिल्ली में सोनिया और राहुल गांधी से मुलाकात की थी। जब राहुल से इस मुलाकात के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि यह आंतरिक मामला है. इस पर कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती।
बता दें कि आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव इन दिनों भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे हैं। सीबीआई ने पिछले महीने लालू परिवार पर छोपेमारी करके कई मामलों में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया था। इनमें तेजस्वी पर करोड़ों की जमीन नाम करने का भी आरोप है।
उधर, राजनीतिक जानकार बताते हैं कि अगर नीतीश को अपनी छवि को साफ-सुथरा बनाए रखना है तो तेजस्वी को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाना होगा और अगर तेजस्वी को सरकार से बाहर किया जाता है तो सरकार खतरे में पड़ सकती है क्योंकि बिहार सरकार में आरजेडी विधायकों की तादाद काफी अच्छी है। इसलिए नीतीश भ्रष्टाचार के मामलों में फंसे अपने मुख्यमंत्री से किस तरह खुद को पाक-साफ साबित करेंगे, यह रहस्य बना हुआ है।


Download Android App
Download iOS App






