लुधियाना, 13 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल पूर्ण होने पर शनिवार को लुधियाना में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मीडिया संवाद किया। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी के 12 साल को सेवा, सुशासन और संकल्प की मिसाल बताया।
मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दो दिन पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे लंबे समय तक चुने हुए प्रधानमंत्री रहने के मामले में पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस समय हम सिर्फ एक उपलब्धि का जश्न नहीं मना रहे हैं, बल्कि यह पिछले 12 सालों में हुए विकास कार्यों पर विचार करने का भी मौका है।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान 2014 में शुरू हुआ था और मैं आपके साथ कुछ आंकड़े साझा करना चाहता हूं। प्रधानमंत्री मोदी की सरकार के तहत 11 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनाए गए। इससे सबसे ज्यादा राहत किसे हुआ? मेरा मानना है कि इससे लड़कियों और हमारी बेटियों को सबसे ज्यादा फायदा हुआ, क्योंकि देश भर में हर घर में अलग-अलग शौचालय बनाए गए। इसके बाद, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लगभग 4 करोड़ सस्ते घर बनाए गए। जब प्रधानमंत्री मोदी ने 2024 में तीसरी बार पद संभाला, तो उन्होंने घोषणा की कि 3 करोड़ और घर बनाए जाएंगे। इस आवास योजना के तहत घर के मालिकाना हक ज्यादातर हमारी बहनों और बेटियों के नाम पर हैं।
उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि मैंने अलग-अलग सेक्टर से जो आंकड़े आपके साथ साझा किए हैं, वे पिछले 12 सालों में प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को दिखाते हैं। असल में, अभी और भी बहुत कुछ होना बाकी है। मैं हमेशा कहता हूं कि ‘सबसे अच्छा तो अभी आना बाकी है,’ क्योंकि आम नागरिकों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और लोगों के साथ उनका भावनात्मक जुड़ाव है। अगर आप हमारी सभी नीतियों को देखें, तो पाएंगे कि यह प्रतिबद्धता ही उनके मूल में है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि मई 2022 और मई 2026 के बीच, पेट्रोल की कीमतें पाकिस्तान में 70 प्रतिशत, श्रीलंका में 66 प्रतिशत, फ्रांस में 47 प्रतिशत, इटली में 46 प्रतिशत, बांग्लादेश में 36 प्रतिशत और अमेरिका में 35 प्रतिशत बढ़ीं। इसके उलट, इसी दौरान भारत में पेट्रोल की कीमतें 3.1 प्रतिशत कम हुईं। जबकि दुनिया के कई हिस्सों में कीमतें 70-80 प्रतिशत तक बढ़ी हैं, प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने भारत में इन्हें 3.1 प्रतिशत कम किया। यह कैसे संभव हुआ, जब फ्यूल स्टेशन पर पेट्रोल या डीजल दिया जाता है, तो कई चीजें इसकी अंतिम कीमत तय करती हैं। सबसे पहले, कच्चे तेल की प्रति बैरल कीमत होती है, जिसका एक बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात किया जाता है। फिर बीमा और ढुलाई का खर्च होता है। कच्चे तेल को रिफाइनरियों में प्रोसेस किया जाता है, जहां इसे पेट्रोल और डीजल में बदला जाता है और रिफाइनर अपना मार्जिन जोड़ते हैं। इसके बाद, केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी लगाती है, जबकि राज्य सरकारें वैट लगाती हैं।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने 3 बार नवंबर 2021, मई 2022 में और हाल ही में सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी कम की है। इसके कारण वित्त मंत्रालय को बजट पर एक लाख करोड़ का बोझ पड़ा। पीएम मोदी नहीं चाहते थे कि आम लोगों पर कोई बोझ पड़े। उन्होंने कहा कि जापान के बाद भारत एकमात्र देश है जहां सबसे कम पेट्रोल-डीजल पर दाम बढ़े हैं।
–आईएएनएस
डीकेएम/पीएम
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