‘यह सिर्फ योजना नहीं, सम्मान है…’, गिग वर्कर्स पर मोदी सरकार के फैसले पर बोले AAP सांसद राघव चड्ढा

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Raghav Chadha Congratulate Gig Workers: आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने गिग वर्कर्स और डिलीवरी पार्टनर्स के लिए जारी किए गए ड्राफ्ट सोशल सिक्योरिटी नियमों को एक अहम और सराहनीय कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला भले ही देखने में छोटा लगे, लेकिन इससे गिग इकोनॉमी से जुड़े लाखों कामगारों को भविष्य में बड़ी राहत मिल सकती है। Raghav Chadha Congratulate Gig Workers: सरकार के फैसले की सराहना राघव चड्ढा ने सरकार की इस पहल की खुले तौर पर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से गिग वर्कर्स बिना किसी सामाजिक सुरक्षा…

Raghav Chadha Congratulate Gig Workers: आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने गिग वर्कर्स और डिलीवरी पार्टनर्स के लिए जारी किए गए ड्राफ्ट सोशल सिक्योरिटी नियमों को एक अहम और सराहनीय कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला भले ही देखने में छोटा लगे, लेकिन इससे गिग इकोनॉमी से जुड़े लाखों कामगारों को भविष्य में बड़ी राहत मिल सकती है।

Raghav Chadha Congratulate Gig Workers: सरकार के फैसले की सराहना

राघव चड्ढा ने सरकार की इस पहल की खुले तौर पर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से गिग वर्कर्स बिना किसी सामाजिक सुरक्षा के काम कर रहे थे। अब सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाकर यह दिखा दिया है कि इन कामगारों की मेहनत और योगदान को गंभीरता से लिया जा रहा है।

Gig Workers News: गिग वर्कर्स को मिलेगी पहचान

सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया में राघव चड्ढा ने गिग वर्कर्स को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह फैसला गिग वर्कर्स को औपचारिक पहचान देने की ओर पहला ठोस कदम है। अब उनके काम को केवल अस्थायी या अनौपचारिक न मानकर एक व्यवस्थित कार्य के रूप में देखा जाएगा।

Raghav Chadha Congratulate Gig Workers (Image- Social Media)
Raghav Chadha Congratulate Gig Workers (Image- Social Media)

Raghav Chadha News: लंबे समय से अनदेखी का सामना

चड्ढा ने कहा कि अब तक कई प्लेटफॉर्म कंपनियों ने गिग वर्कर्स की समस्याओं और जरूरतों को नजरअंदाज किया। न तो उनके पास बीमा था और न ही किसी तरह की सामाजिक सुरक्षा। सरकार के नए ड्राफ्ट नियमों से इस स्थिति में बदलाव आने की उम्मीद है।

सामाजिक सुरक्षा के लिए पात्रता

प्रस्तावित ड्राफ्ट नियमों के तहत गिग वर्कर्स को आधिकारिक तौर पर पंजीकृत किया जाएगा। यदि कोई गिग वर्कर किसी एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ एक वित्तीय वर्ष में तय न्यूनतम अवधि तक काम करता है, तो वह सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पाने का हकदार होगा। जो गिग वर्कर्स एक से अधिक प्लेटफॉर्म पर काम करते हैं, उनके लिए भी नियम बनाए गए हैं। ऐसे कामगारों की कुल कार्य अवधि को जोड़कर उनकी पात्रता तय की जाएगी, ताकि कोई भी मेहनती कामगार इन योजनाओं से वंचित न रहे।

Raghav Chadha Congratulate Gig Workers (Image- Social Media)
Raghav Chadha Congratulate Gig Workers (Image- Social Media)

गिग वर्कर्स को मिलने वाले फायदे

नए नियम लागू होने के बाद गिग वर्कर्स को पहचान पत्र और यूनिक अकाउंट से जोड़े जाने की संभावना है। इससे उन्हें जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसे लाभ मिल सकते हैं। आगे चलकर सोशल सिक्योरिटी फंड के माध्यम से पेंशन जैसी योजनाओं का रास्ता भी खुल सकता है। इस पहल से फूड डिलीवरी, कैब सर्विस और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े लाखों कामगारों को आर्थिक सुरक्षा और स्थिरता मिलेगी। उन्हें अब असंगठित श्रेणी से बाहर निकालकर एक संरक्षित और सम्मानित कार्यबल के रूप में देखा जाएगा।

Raghav Chadha Congratulate Gig Workers (Image- Social Media)
Raghav Chadha Congratulate Gig Workers (Image- Social Media)

आधुनिक अर्थव्यवस्था की रीढ़

राघव चड्ढा ने कहा कि गिग वर्कर्स आज की आधुनिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उनके अधिकारों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में इन नियमों को और मजबूत बनाया जाएगा, ताकि गिग वर्कर्स को वास्तविक और स्थायी लाभ मिल सके।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।