कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसान संगठनों की ओर से आहूत ‘चक्का जाम’ का समर्थन करते हुए शनिवार को कहा कि अन्नदाताओं का सत्याग्रह देश हित में है और तीनों कृषि कानून राष्ट्र के लिए घातक हैं।
अन्नदाता का शांतिपूर्ण सत्याग्रह देशहित में है- ये तीन क़ानून सिर्फ़ किसान-मज़दूर के लिए ही नहीं, जनता व देश के लिए भी घातक हैं।
पूर्ण समर्थन!#FarmersProtests
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 6, 2021
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ अन्नदाता का शांतिपूर्ण सत्याग्रह देशहित में है – ये तीन क़ानून सिर्फ़ किसान-मज़दूर के लिए ही नहीं, जनता व देश के लिए भी घातक हैं। पूर्ण समर्थन!’’ उल्लेखनीय है कि किसान संगठनों ने शनिवार को ‘चक्का जाम’ का आह्वान किया है। किसान नेताओं ने सोमवार को कहा था कि वे छह फरवरी की दोपहर 12 बजे से अपराह्र तीन बजे तक सड़कों को अवरुद्ध करेंगे।
राहुल गांधी ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया, “मोदी सरकार ने देश और घर, दोनों का बजट बिगाड़ दिया है।” बता दें कि दिल्ली पुलिस ने केंद्र के नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों द्वारा शनिवार को आहूत राष्ट्रव्यापी ‘चक्का जाम’ के कारण पैदा हो सकने वाले हालात से निपटने के लिए अर्द्धसैन्य बलों समेत हजारों कर्मियों को तैनात किया है और शहर के सभी सीमा बिंदुओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी है।
हालांकि संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने शुक्रवार को कहा था कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड में शनिवार को चक्का जाम के दौरान मार्गों को बंद नहीं किया जाएगा। उसने कहा कि किसान देश के अन्य हिस्सों में शांतिपूर्ण तरीके से तीन घंटे के लिए राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों को बाधित करेंगे। गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा के बाद, दिल्ली पुलिस ने शहर और इसी सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी करने और सतर्कता बढ़ाने समेत अतिरिक्त कदम उठाए हैं।
लाल किले एवं आईटीओ समेत राष्ट्रीय राजधानी के अहम स्थानों पर बलों को तैनात किया गया है। लाल किले और आईटीओ पर 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा हुई थी, जिसमें 500 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए थे और एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई थी। पुलिस प्रदर्शन स्थलों पर कड़ी नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल कर रही है।


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