देश भर के रेलवे स्टेशनों को पर्यावरण अनुमति प्राप्त करने की जरूरत : NGT

Summary :

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की सिफारिशों पर संज्ञान लें। एनजीटी ने स्वच्छ स्टेशन बनाने के लिए कार्ययोजना लागू करने का भी निर्देश दिया।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने कहा कि देश भर के रेलवे स्टेशनों को पर्यावरण अनुमति प्राप्त करने की जरूरत है क्योंकि प्रदूषण फैलाने वाली कई गतिविधियां वहां होती हैं। एनजीटी अध्यक्ष आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस पर कोई विवाद नहीं है कि पर्यावरण (संरक्षण) कानून-1986 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी लागू होता है।
 
अधिकरण ने रेलवे को निर्देश दिया कि वह वायु (प्रदूषण रोकथाम एवं नियंत्रण)-1981 और जल (प्रदूषण रोकथाम एवं नियंत्रण) कानून 1974 को लागू करने को लेकर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की सिफारिशों पर संज्ञान लें। एनजीटी ने स्वच्छ स्टेशन बनाने के लिए कार्ययोजना लागू करने का भी निर्देश दिया।
पीठ ने कहा, ‘‘सीपीसीबी और संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बड़े स्टेशनों के प्रदर्शन की समीक्षा कार्ययोजना और जल, वायु और पर्यावरण कानून के प्रतिबद्धता के आधार पर करेंगे और नियम बनाएंगे।’’ अधिकरण अधिवक्ता सलोनी सिंह और अरूष पठानिया की एक याचिका पर सुनवाई कर रही है जिन्होंने रेलवे संपत्तियों एवं खासतौर पर पटरियों पर प्रदूषण रोकने के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया है। 
एनजीटी ने कहा कि पर्यावरण कानून वायु प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए है और वातावरण में प्रदूषण रेलवे स्टेशन की गतिविधियों की वजह से फैलता है तो वे उपचारात्मक कदम उठाने से केवल इस तरह के आधार पर नहीं बच सकते हैं। 

Desk Team