Sandeep Pathak FIR विवाद पर गरमाई पंजाब की राजनीति, BJP ने AAP सरकार पर लगाया बदले की कार्रवाई का आरोप

Summary :

Sandeep Pathak FIR Case:  पंजाब की राजनीति में इन दिनों प्राथमिकी (FIR) को लेकर बड़ा सियासी घमासान देखने को मिल रहा है। राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक के खिलाफ दर्ज दो FIR के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे बदले की कार्रवाई बताते हुए आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। FIR को लेकर बढ़ा विवाद पंजाब पुलिस द्वारा हाल ही में संदीप पाठक और उनके छह सहयोगियों के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की गईं। इसके बाद से ही राज्य की राजनीति गरमा गई है। पाठक हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर…

Sandeep Pathak FIR Case:  पंजाब की राजनीति में इन दिनों प्राथमिकी (FIR) को लेकर बड़ा सियासी घमासान देखने को मिल रहा है। राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक के खिलाफ दर्ज दो FIR के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे बदले की कार्रवाई बताते हुए आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

FIR को लेकर बढ़ा विवाद

पंजाब पुलिस द्वारा हाल ही में संदीप पाठक और उनके छह सहयोगियों के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की गईं। इसके बाद से ही राज्य की राजनीति गरमा गई है। पाठक हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं, जिससे इस कार्रवाई को लेकर सवाल और गहरे हो गए हैं।

भाजपा का आरोप: बदले की राजनीति

पंजाब में भाजपा के प्रमुख सुनील जाखड़ ने इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इन FIR से डरने वाली नहीं है और यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है।

जाखड़ के मुताबिक, यह कदम राज्य सरकार द्वारा ध्यान भटकाने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला मुख्यमंत्री भगवंत मान के हालिया आचरण से जुड़े विवाद से जनता का ध्यान हटाने के लिए उठाया गया है।

मुख्यमंत्री पर उठे सवाल

भाजपा नेता सुनील जाखड़ ने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान शुक्रवार को विधानसभा में कथित तौर पर “नशे की हालत” में पहुंचे थे।

उन्होंने कहा कि भले ही मान ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया हो, लेकिन उनके पास अब मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। यह बयान राज्य की राजनीति में नई बहस को जन्म दे रहा है।

कांग्रेस ने भी उठाए सवाल

इस विवाद में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भी पीछे नहीं रही। कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री और सभी आप विधायकों के अल्कोमीटर और डोप टेस्ट की मांग की।

इस मांग ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गरमा दिया है, क्योंकि यह सीधे तौर पर सरकार की कार्यशैली और अनुशासन पर सवाल उठाता है।

आप सरकार का जवाब

सरकार की ओर से हरपाल सिंह चीमा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा लगाए गए सभी आरोप “झूठे और आधारहीन” हैं।

चीमा ने यह भी संकेत दिया कि विपक्ष बिना किसी ठोस सबूत के केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए ऐसे मुद्दे उठा रहा है।

राज्यपाल से मिलने की तैयारी

भाजपा ने इस पूरे मामले को और आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। सुनील जाखड़ ने कहा कि उनकी पार्टी रविवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात करेगी।

इस मुलाकात में मुख्यमंत्री के कथित आचरण और संदीप पाठक के खिलाफ दर्ज FIR का मुद्दा उठाया जाएगा।

राजनीतिक माहौल में बढ़ी गर्माहट

इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब की राजनीति को एक बार फिर से गरमा दिया है। एक ओर भाजपा इसे बदले की कार्रवाई बता रही है, तो दूसरी ओर आप सरकार विपक्ष के आरोपों को खारिज कर रही है। कांग्रेस भी इस मुद्दे को लेकर सक्रिय भूमिका निभा रही है।

Sandeep Pathak FIR Case: पंजाब में FIR को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब बड़े राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है। आने वाले दिनों में राज्यपाल से मुलाकात और संभावित राजनीतिक कदम इस मामले को और गंभीर बना सकते हैं। फिलहाल यह देखना अहम होगा कि इस सियासी घमासान का असर राज्य की राजनीति और जनता पर किस तरह पड़ता है।

Shera Rajput