आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के लिए अंतरिम जमानत के आग्रह पर विचार करने के निचली अदालत को आदेश के चंद घंटों बाद ही सुप्रीम कोर्ट ने सालिसीटर जनरल तुषार मेहता के अनुरोध पर इसमें संशोधन कर दिया।
न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ ने कहा कि सालिसीटर जनरल के अनुरोध पर विचार किया गया है और इस मामले में अब गुरुवार की जगह मंगलवार को सुनवाई की जाएगी। भोजनावकाश के बाद मेहता पीठ के समक्ष पेश हुए और कहा कि दिन में पारित किए गए आदेश को लागू करने में अधिकार क्षेत्र की दिक्कतें आयेंगी।
मेहता के कथन का संज्ञान लेते हुए पीठ ने कहा कि सीबीआई निचली अदालत से चिदंबरम को मंगलवार तक पुलिस हिरासत में देने का अनुरोध करने के लिए स्वतंत्र है। पीठ ने कहा कि वह चिदंबरम के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने और बाद में उन्हें हिरासत में देने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर पांच सितंबर की जगह तीन सितंबर को सुनवाई करेगी।
भोजन से पहले के सत्र में सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत से कहा था कि आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को अंतरिम जमानत देने के आग्रह पर आज ही विचार करे। इससे पहले चिदंबरम ने कोर्ट से कहा कि उन्हें न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल नहीं भेजा जाए बल्कि घर में ही नजरबंद कर दिया जाए।
किसी शिक्षाविद के ‘प्रोफेसर एमेरिटस’ दर्जे को समाप्त करने की पहल नहीं गई : HRD मंत्रालय
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यदि निचली अदालत सोमवार को ही चिदंबरम के अंतरिम जमानत के अनुरोध पर विचार नहीं करती है तो उनकी सीबीआई हिरासत की अवधि और तीन दिन के लिए बढ़ा दी जाएगी। पीठ ने सीबीआई को निर्देश दिया कि वह निचली अदालत द्वारा चिदंबरम के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने और बाद में उन्हें जांच ब्यूरो की हिरासत में देने के आदेश को चुनौती देने के मामले में अपना जवाब दाखिल करे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की सीबीआई हिरासत की अवधि आज खत्म हो रही है और उन्हें दिन में संबंधित निचली अदालत में पेश किया जाएगा।


Download Android App
Download iOS App




