केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को कहा कि भारत में अक्टूबर तक छह करोड़ से अधिक निजी सुरक्षा किट (पीपीई) और करीब 15 करोड़ एन-95 मास्क का उत्पादन हुआ। जबकि मार्च में यह आंकड़ा शून्य था। इंस्टीट्यूट फॉर कॉम्पटीटिवनेस के एक अध्ययन को जारी करने के वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान ईरानी ने कहा कि देश से अब तक दो करोड़ से अधिक पीपीई और चार करोड़ से अधिक एन-95 मास्क का निर्यात किया जा चुका है।
इंस्टीट्यूट फॉर कॉम्पटीटिवनेस ने भारत के उच्च गुणवत्ता वाले पीपीई किट आयातक से आत्मनिर्भर बनने की सफलता पर यह अध्ययन किया है। ईरानी ने कहा कि सरकार पर बेहद दबाव होने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्योग और उन सरकारी अधिकारियों का पक्ष लिया जो अंतरराष्ट्रीय तकनीकी मानकों में जरा भी ढील नहीं देने पर अड़े थे। उन्होंने कहा कि हमने इन निर्देशों को ऐसे लिया कि यदि हम अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ छेड़छाड़ करते हैं तो हम स्वास्थ्य कर्मियों को जोखिम में डालेंगे। इतना ही नहीं लॉकडाउन की स्थिति में पीपीई किट और जांच में उपयोग होने वाले स्वैब के उत्पादन ने पांच लाख प्रत्यक्ष रोजगार का निर्माण किया।
अध्ययन में बताया गया है कि किस तरह भारत ने 60 दिन के भीतर ही पीपीई किट में उपयोग होने वाले कपड़े के उत्पादन और परिधान निर्माताओं का घरेलू नेटवर्क तैयार कर लिया था। वहीं जुलाई तक भारत अन्य देशों को पीपीई किट का निर्यात करने की स्थिति में आ गया।


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