असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शुक्रवार को राज्य के लोगों से आपसी सौहार्द तथा असमिया समाज के मजबूत बनाने के लिए मिल कर काम करने की अपील की। सोनोवाल शुक्रवार को अखिल असम आदिवासी संघ के 37 वें सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने लोगों से अपनी संस्कृति, भाषा और परंपरा को बचाने तथा समृद्ध और बहुमुखी असमिया पहचान को वैश्विक स्तर पर प्रसारित करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि संस्कृति और परंपराओं के मामले में धनी है तथा इसकी समृद्धि असमिया पहचान की जीवंतता को दर्शाती है। सभी समूदाय के लोगों को अपनी विरासत को बरकरार रखने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए तथा सौहार्दपूर्ण सह.अस्तित्व को बढ़ावा देना चाहिए। राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ सबका विकास के मंत्र पर चल कर सभी समूदाय के समान विकास के लिए प्रतिबद्ध है। लोगों को इस दिशा में सरकार के प्रयत्नों का समर्थन करना चाहिए।
संघ के संस्थापक उपेन ब्रह्मा जगत खक्लारी लोकनाथ बोरा तथा भीमबोर देओरी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संघ राज्य के आदिवासी लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार काम कर रहा है। सोनेवाल ने कहा कि राज्य के अधिकतर आदिवासियों के पास जमीन नहीं है और राज्य सरकार ने राज्य के लोगों के भूमि अधिकार के संरक्षण के लिए हरि शंकर ब्रह्मा के नेतृत्व में आयोग का गठन किया है ताकि राज्य के भूमिहीनों को जमीन प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहाए असम के लोगों ने भाजपा को भ्रष्टाचारए अवैध आप्रवास प्रदूषण और आतंकवाद से लडऩे के लिए जनादेश दिया था और सरकार निश्चित रूप से समाज की इन बुराइयों खत्म करने के लिए काम कर रही है।
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