“बाबर के नाम पर न बने मस्जिद”, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की इस मांग वाली याचिका

Summary :

Supreme Court on Babar Masjid : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बाबर या “बाबरी मस्जिद” के नाम पर किसी भी मस्जिद के निर्माण या नाम रखने पर देशव्यापी रोक लगाने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी। विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। Supreme Court on Babar Masjid : सुनवाई से किया इनकार बता दें यह सुनवाई ऐसे समय हुई जब बंगाल में अयोध्या की तर्ज पर ही बाबरी मस्जिद बनाई जा रही है। सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता के वकील ने बाबर को “आक्रमणकारी” बताते हुए तर्क…

Supreme Court on Babar Masjid : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बाबर या “बाबरी मस्जिद” के नाम पर किसी भी मस्जिद के निर्माण या नाम रखने पर देशव्यापी रोक लगाने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी। विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है।

Supreme Court on Babar Masjid : सुनवाई से किया इनकार

Supreme Court on Babar Masjid
JUSTICE VIKRAM NATH AND SANDEEEP MEHTA (SOURCE : SOCIAL MEDIA)

बता दें यह सुनवाई ऐसे समय हुई जब बंगाल में अयोध्या की तर्ज पर ही बाबरी मस्जिद बनाई जा रही है। सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता के वकील ने बाबर को “आक्रमणकारी” बताते हुए तर्क दिया कि, किसी भी मस्जिद का निर्माण या नामकरण बाबर के नाम पर नहीं किया जाना चाहिए। यह भी कहा गया कि बाबर ने हिंदुओं को गुलाम कहा था और ऐसे कामों में कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। इस पर कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया है।

PIL In Supreme Court On Babri : बाबर को आक्रांता बताया था याचिका में

Supreme Court on Babar Masjid
Supreme Court on Babar Masjid (SOURCE : SOCIAL MEDIA)

याचिकाकर्ता के वकील ने बाबर को आक्रांता बताया है. याचिका में मांग की गई है कि ऐसे लोगों के खिलाफ तो कार्रवाई की जानी चाहिए. याचिका में मांग की गई कि अधिकारियों को आदेश दिया जाए कि बाबर के नाम पर किसी मस्जिद के निर्माण पर रोक लगे. टीएमसी से निलंबित किए गए विधायक हुमायूं कबीर ने पिछले हफ्ते बुधवार को बाबरी मस्जिद की नींव बंगाल में रखी है. पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में कबीर ने कहा था कि वो यहां बाबरी मस्जिद बनाएंगे.

यह भी ज्ञात हो कि 2019 के नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की इजाजत दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में ये भी कहा था कि 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद के विध्वंस को कानून के शासन का घोर उल्लंघन बताया था.

कोर्ट ने अपने इस फैसले में सरकार को मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन देने का आदेश दिया था.

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।