नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस के अवसर पर एक राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम आयोजित करेगा। यह आयोजन उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में संपन्न होगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा करेंगे।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीबी-मुक्त भारत के विजन के अनुरूप, टीबी उन्मूलन की दिशा में भारत की प्रगति को दर्शाना है। यह राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत हासिल की गई प्रमुख उपलब्धियों, नवोन्मेषी रणनीतियों और मजबूत सामुदायिक भागीदारी को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करेगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री इस अवसर पर टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिन का सघन टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाएंगे और टीबी मुक्त भारत ऐप और टीबी मुक्त शहरी वार्ड पहल का शुभारंभ करेंगे। इन पहलों का लक्ष्य टीबी के मामलों की तेजी से पहचान करना, उपचार के प्रति समर्पण को बढ़ावा देना और विशेष रूप से उच्च बोझ वाले क्षेत्रों में टीबी सेवाओं की अंतिम चरण की डिलीवरी को सुदृढ़ करना है।
ये प्रयास विश्व टीबी दिवस 2026 का विषय ‘हां! हम टीबी को खत्म कर सकते हैं!’ के अनुरूप हैं और टीबी के खिलाफ लड़ाई को तेज करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह है कि ये प्रयास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण और उनकी कार्रवाई के आह्वान को प्रतिबिंबित करते हैं। उन्होंने लगातार टीबी-मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के देश के संकल्प पर जोर देते हुए यह संदेश दिया है कि हां, हम टीबी को खत्म सकते हैं।
इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव, केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ, विकास भागीदार, स्वास्थ्य सेवा पेशेवर और सामुदायिक प्रतिनिधि शामिल होंगे।
विश्व टीबी दिवस 2026 का आयोजन टीबी उन्मूलन से संबंधित सतत विकास लक्ष्यों को वैश्विक लक्ष्यों से पहले हासिल करने की दिशा में भारत के संकल्प को रेखांकित करता है। यह आयोजन टीबी को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में समाप्त करने के लिए बहुक्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने और साक्ष्य-आधारित रणनीतियों को अपनाने की राष्ट्र की प्रतिबद्धता की पुष्टि करेगा।
–आईएएनएस
पीएसके
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