क्रिसमस के मौके पर हिमाचल प्रदेश के अन्य स्थानों और शिमला में इस बार भी बर्फ देखने को नहीं मिलेगी। राज्य के साफ आसमान रहने की भविष्यवाणी करते हुए मंगलवार को मौसम ब्यूरो ने कहा कि अधिकांश पर्यटन स्थलों पर सुहानी धूप खिली रहेगी।
शिमला के मौसम विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह ने कहा, ‘इस क्षेत्र में कोई महत्वपूर्ण पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं है। राज्य के अधिकांश कस्बों में 28 दिसंबर तक धूप दिखाई देगी।’
उन्होंने कहा कि बारिश और बर्फ के आसार समाप्त नहीं हुए हैं और 31 दिसंबर के बाद से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा।
शिमला, कुफरी, नारकंडा, कसौली, चैल, मनाली, डलहौजी, धर्मशाला, पालमपुर और चंबा जैसे अधिकांश लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में तापमान असामान्य रूप से कम है।
लाहौल और स्पीति जिले का मुख्यालय केलांग में सबसे कम तापमान है। यहां न्यूनतम तापमान शून्य से कम माइनस 12.4 डिग्री सेल्सियस है।
राजधानी शिमला में रात्रि में तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस है। जबकि यहां से कुछ 250 किलोमिटर दूर कल्पा में तापमान माइनस 4.4 डिग्री सेल्सियस है।
मनाली में भी तापमान माइनस 2.8, धर्मशाला में 2.2 और डलहौजी में 2.7 डिग्री सेल्सियस है। हालांकि, छोटी पहाड़ियों, मुख्य रूप से ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा जिलों में कोहरे की स्थिति बनी रहेगी।
लेकिन मुख्य रूप से उत्तरी मैदानों के उत्साहित लोग छुट्टियां मनाने के लिए क्रिसमस में बर्फ की उम्मीद लिए राज्यभर के पर्यटक रिसॉर्ट में आने लगे हैं।
13 दिसंबर को शिमला में सत्र की पहली बर्फ गिरी थी। दो दशक के बाद पिछली बार यहां 2017 में क्रिसमस के समय बर्फ बारी हुई थी।
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘कल से, हमारी सभी संपत्तियों में से अधिकांश को उनकी क्षमता के अनुसार तय कर दिया गया है।’
पूरे प्रदेशभर में एचपीटीडीसी के 57 इकनॉमिक और हाई एंड होटल हैं। उन्होंने कहा कि शिमला, नारकंडा, चैल, कसौली, मनाली, डलहौजी, धर्मशाला और पालमपुर में पर्यटकों का आगमन काफी अच्छा है।


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