उज्जैन : प्रभारी मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा है कि उज्जैन शहर का ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व है। प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता उज्जैन का विकास है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के दौरान उज्जैन में जितना विकास हुआ, उतना किसी अन्य शहर का नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि उज्जैन शहर का विकास करने का प्रयास आगे भी निरन्तर रहेगा और इसे स्वच्छता एवं सुन्दरता में नम्बर एक पर लाया जायेगा।
श्री सिंह ने यह बातसिद्धवट पर 1 करोड़ 5 लाख रूपये की लागत से बनने वाले प्रवेश द्वार, कम्युनिटी हॉल एवं सड़क निर्माण के कार्य का भूमिपूजन एवं लोकार्पण करते हुए कही। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री पारस जैन, विधायक डॉ.मोहन यादव, अनिल फिरोजिया, बहादुरसिंह चौहान एवं महापौर मीना जोनवाल, यूडीए अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, निगम अध्यक्ष सोनू गेहलोत सहित जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।
ऊर्जा मंत्री पारस जैन ने कार्यक्रम में सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में जनकल्याण के जितने कार्य हो रहे हैं, उतने पहले कभी नहीं हुए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना के तहत असंगठित पंजीकृत मजदूरों का पंजीयन कार्य जारी है। उन्होंने सभी पार्षदों से आव्हान किया कि वे अधिक से अधिक लोगों का इस योजना में पंजीयन करवायें, जिससे उनको 200 रूपये महीने में बिजली, गर्भवती महिला को 4 हजार रूपये एवं प्रसूति के बाद 12 हजार रूपये की आर्थिक सहायता मिल सके।
उन्होंने कहा कि उज्जैन शहर में पहले कभी इतना विकास नहीं हुआ है। आज यहां चारों तरफ पुलों का जाल बिछा हुआ है। ऊर्जा मंत्री ने आगर रोड के दूसरी ओर जहां सिंहस्थ नहीं भरता है, उक्त जमीन को सिंहस्थ से मुक्त करने का आग्रह किया। महापौर मीना जोनवाल ने सम्बोधित करते हुए कहा कि उज्जैन के विकास के सपने को पूरा करने के लिये सभी का मार्गदर्शन आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना के तहत 50 हजार श्रमिकों का पंजीयन कर उज्जैन नगर निगम प्रदेश में आगे चल रहा है। महापौर ने कहा कि पंचक्रोशी मार्ग पर भी एक द्वार की स्थापना शीघ्र की जायेगी। स्वागत भाषण नगर निगम अध्यक्ष श्री सोनू गेहलोत द्वारा दिया गया।
24X7 नई खबरों से अवगत रहने के लिए क्लिक करे।


Download Android App
Download iOS App



