राज्यों को परामर्श भेजने के मामले में केन्द्र द्वारा भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने के तृणमूल कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुये गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को राज्यसभा में स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या हुयी इसलिये केन्द्र ने राज्य सरकार को दो परामर्श भेजे थे जबकि उत्तर प्रदेश में कोई राजनीतिक हत्या नहीं हुयी।
राज्यसभा में कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की अवधि बढ़ाये जाने के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान तृणमूल नेता डेरेक ओ ब्रायन ने केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुये कहा कि एक ओर पश्चिम बंगाल सरकार को दो परामर्श भेजे गये जबकि उत्तर प्रदेश या बिहार सरकार को एक भी परामर्श जारी नहीं हुआ।
चर्चा का जवाब देते हुये शाह ने स्पष्ट किया कि केन्द्र कानून व्यवस्था एवं आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में ही राज्य सरकारों को परामर्श भेजती है।
उन्होंने कहा कि बिहार में बच्चों की मौत स्वास्थ्य से जुडा़ मामला है इसलिये गृह मंत्रालय इस पर परामर्श नहीं भेज सकता है।
शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा शासन में एक भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता की राजनीतिक कारणेां से हत्या नहीं हुयी है। इसके विपरीत पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हत्याओं का दौर जारी है और यह लोकतंत्र से जुड़ा अहम मुद्दा है। शाह ने राज्य की ममता बनर्जी सरकार से राजनीतिक हत्यायें रोकने के उपाय करने की अपील भी की।
इससे पहले डेरेक ने कहा, ‘‘मैं संघीय ढांचे के संदर्भ में गृह मंत्री से कहना चाहता हूं ..यह कश्मीर, बंगाल, उत्तर प्रदेश, केरल, बिहार या मध्य प्रदेश हो सकता है किंतु आपने सात दिन के भीतर दो परामर्श जारी कर दिये। आपने उत्तर प्रदेश को परामर्श नहीं भेजा जबकि वहां 25 लोगों की मौत हुयी। बिहार में 130 बच्चों की मौत हुयी।’’


Download Android App
Download iOS App



