पटना, 10 जून (आईएएनएस)। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के प्रवक्ता राजीव रंजन ने बुधवार को विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने उत्तर प्रदेश चुनाव में चिराग पासवान की संभावित एंट्री, मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन विवाद, निशांत कुमार की शैक्षणिक योग्यता, यूपी की कानून व्यवस्था और बिहार की सियासत सहित कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
यूपी विधानसभा चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान की संभावित एंट्री को लेकर पूछे गए सवाल पर राजीव रंजन ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को यह अधिकार है कि वह किन राज्यों में चुनाव लड़ना चाहता है। उन्होंने कहा कि एक राजनीतिक दल के तौर पर यह उनका अधिकार है कि वे किन राज्यों में चुनाव लड़ना चाहेंगे। उनके इस फैसले को लेकर हम इतना ही कहना चाहेंगे कि जनतादल यूनाइटेड का यह मसला नहीं है। इस पर एलजेपी को अपनी प्रतिक्रिया देनी है।
मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा नामांकन पत्र रद्द होने के मामले पर जेडीयू प्रवक्ता ने कहा कि यदि नामांकन पत्रों में कोई त्रुटि पाई जाती है, तो उस पर अंतिम निर्णय रिटर्निंग ऑफिसर का होता है और इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह हैरानी की बात है कि इस पर राजनीति की जा रही है। अगर नामांकन के दस्तावेजों में कोई त्रुटि पाई जाएगी, तो रिटर्निंग ऑफिसर का फैसला अंतिम होता है। इसलिए इस पर सियासत की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
राजद द्वारा निशांत कुमार की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाए जाने पर राजीव रंजन ने कहा कि यह तथ्य स्पष्ट है कि उन्होंने इंजीनियरिंग के आठ में से पांच सेमेस्टर पूरे किए हैं। उन्होंने कहा कि जब यह बिल्कुल स्पष्ट है कि आठ में से पांच सेमेस्टर उन्होंने पूरे किए हैं, तो इससे ज्यादा महत्वपूर्ण क्या है। जिस सादगी और सरलता के साथ उन्होंने बिहार की जनता का दिल जीता है और बिहार में जो शानदार विरासत 20 वर्षों में नीतीश कुमार जी ने छोड़ी है, जनता की उम्मीदें निशांत कुमार जी के साथ जुड़ी हुई हैं और उनका भविष्य उज्ज्वल है।
उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर जेडीयू प्रवक्ता ने योगी आदित्यनाथ सरकार का बचाव किया। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून का शासन है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है। पुलिस उत्तर प्रदेश में किसी को बख्शेगी नहीं। कानून का शासन है। यह समाजवादी पार्टी का कार्यकाल नहीं है। योगी आदित्यनाथ जी ने सारे बाहुबलियों और अपराधियों के होश ठिकाने लगाए हैं। इस मामले में भी न्याय होगा।
पंजाब में कारोबारियों पर ईडी रेड को लेकर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के हालिया बयान और उस पर भाजपा नेता मंजिंदर सिंह सिरसा के पलटवार पर राजीव रंजन ने कहा कि यदि कोई मामला जांच के दायरे में आता है तो संबंधित एजेंसियों को कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस को जांच करनी है। उनके बयानों को आधार बनाकर अगर इस तरह के किसी मसले को लेकर कोई बात सामने आती है तो पंजाब पुलिस इस पर निर्णय करेगी।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा यूसुफ पठान को लेकर दिए गए बयान पर जेडीयू प्रवक्ता ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए अपने फैसले लेने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि एक राजनेता के तौर पर जन अपेक्षाएं क्या हैं, यह नेताओं को तय करना होता है और यह उनका विशेषाधिकार है। यूसुफ पठान को अगर लगता है कि टीएमसी नेतृत्व से गलतियां हुई हैं, जिसकी सजा जनता ने दी है, तो फिर वह यह फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ रहना है या नहीं।
दिल्ली में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा पार्टी की अहम बैठक किए जाने के सवाल पर राजीव रंजन ने कहा कि हर राजनीतिक दल अपने विस्तार और संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम करता है। उन्होंने कहा कि एक राजनीतिक दल के तौर पर हर पार्टी को अपने विस्तार की चिंता होती है और वे स्वतंत्र हैं कि जिस दिशा में पार्टी के कार्यक्रमों को आगे ले जाना चाहते हैं, उस दिशा में काम करें।
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर दिए गए विवादित बयान पर जेडीयू प्रवक्ता ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव ने जनादेश का अपमान किया है। राजीव रंजन ने कहा कि तेजस्वी यादव को शब्दों का मर्म समझ में नहीं आता है। जनता ने बहुत मुश्किल से नेता प्रतिपक्ष के तौर पर उनकी कुर्सी बचा दी है। नहीं तो शायद नेता प्रतिपक्ष के तौर पर लंबे-चौड़े बयान देने का अवसर भी उन्हें नहीं मिलता। उन्होंने आगे कहा कि दूसरी तरफ बिहार के निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जनता ने बिहार की सेवा का जनादेश दिया था। अब सम्राट चौधरी उसी विरासत को लेकर आगे बढ़ रहे हैं और विधायक दल के चुने हुए नेता हैं। इसलिए इस तरह के शब्दों का चयन तेजस्वी जी के मानसिक दिवालियापन का ही प्रतीक है।
–आईएएनएस
पीएसके
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