इजराइल – हमास के बीच चल रहे युद्ध को लेकर दुनिया दो खेमो में बांट चुकी है। कुछ देश हमास के समर्थन मे है तो वही दूसरी ओर इजराइल के पक्ष में में कुछ बड़ी शक्तिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने जो बयान दिया है। वो भारत का दुनिया में बढ़ते कद को दर्शाता है। जो बाइडेन ने कहा है कि उन्हें लगता है कि हमास की ओर से इजरायल पर आतंकवादी हमला करने का एक कारण हाल ही में नई दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान महत्वाकांक्षी भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे की घोषणा भी हो सकता है।
पूरे क्षेत्र को रेलमार्ग के नेटवर्क से जोड़ता
दरअसल, यह प्रोजेक्ट पूरे क्षेत्र को रेलमार्ग के नेटवर्क से जोड़ता है। आपको बता दें कि एक हफ्ते के अंदर यह दूसरी बार है जब जो बाइडेन ने हमास के हमले के संभावित कारण के रूप में भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईईसी) का जिक्र किया।
क्या है भारत का मिडिल ईस्ट कॉरिडोर
भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप आर्थिक गलियारे का लक्ष्य मध्य पूर्व के देशों को रेलवे से जोड़ना है। साथ ही उन्हें बंदरगाह के माध्यम से भारत से जोड़ना है। जिससे शिपिंग समय, लागत और ईंधन के इस्तेमाल में कटौती करके खाड़ी से यूरोप तक ऊर्जा और ट्रे़ड फ्लो में मदद मिले पााएं। रेल एंड शिपिंग कॉरिडोर देशों को ऊर्जा उत्पादों समेत ज्यादा व्यापार के लिए सक्षम बनाएगा। इसकी घोषणा से पहले अमेरिकी अधिकारी फाइनर ने कहा था। अमेरिका की नजर से ये समझौता पूरे क्षेत्र में तनाव कम करेगा और हमें ऐसा लगता है कि इससे टकराव से निपटने में मदद मिलेगी।


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