‘विकसित भारत के लिए मातृशक्ति का सामर्थ जरूरी’, पीएम मोदी का महिला आरक्षण विधेयक पर राष्ट्र को संदेश

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नई दिल्ली, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक पर राष्ट्र के नाम संदेश साझा किया है। उन्होंने कहा कि अगर हमें विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करना है तो हमें हमारी मातृशक्ति को उनके पूर्ण सामर्थ के साथ राष्ट्र के विकास में जोड़ना ही होगा। अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “माताओं, बहनों और बेटियों से एक बात करना चाहता हूं। भारत ने तय किया है कि 2047 में जब भारत की आजादी के 100 साल होंगे, तब तक हमें ‘विकसित भारत’ बनाकर रहना है। मैं दो-ढाई दशक के सरकार प्रमुख के रूप में…

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक पर राष्ट्र के नाम संदेश साझा किया है। उन्होंने कहा कि अगर हमें विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करना है तो हमें हमारी मातृशक्ति को उनके पूर्ण सामर्थ के साथ राष्ट्र के विकास में जोड़ना ही होगा।

अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “माताओं, बहनों और बेटियों से एक बात करना चाहता हूं। भारत ने तय किया है कि 2047 में जब भारत की आजादी के 100 साल होंगे, तब तक हमें ‘विकसित भारत’ बनाकर रहना है। मैं दो-ढाई दशक के सरकार प्रमुख के रूप में अपने अनुभव के आधार पर कह सकता हूं कि अगर हमें विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करना है तो हमें हमारी मातृशक्ति को उनके पूर्ण सामर्थ के साथ राष्ट्र के विकास में जोड़ना ही होगा।”

उन्होंने अपने संदेश में कहा, “हमने कुछ समय पहले नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था। सभी राजनीतिक दलों ने सहमति से किया था। सबकी इच्छा है कि 2029 में, जब लोकसभा के चुनाव होंगे, तब हमारी देश की नारीशक्ति को जनप्रतिनिधि के रूप में लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत स्थान मिलना ही चाहिए।”

पीएम मोदी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से सभी राजनीतिक दलों के साथ बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा, “ज्यादातर दलों ने समर्थन दिया है। एक बहुत ही सकारात्मक माहौल दिख रहा है। इन्हीं विषयों को लेकर आज अखबारों में एक लेख लिखा है। मैंने अपने विचार साझा किए हैं।”

प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि आप सभी इस लेख को जरूर पढ़ें और दूसरों को भी पढ़ने के लिए प्रेरित करें। सभी राजनीतिक दलों को प्रेरित करें और उनका उत्साहवर्धन करें, ताकि वे उमंग के साथ 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद में इस विधेयक को पारित कराएं। हम सभी मिलकर इसका जश्न मनाएं।

इसके साथ ही, पीएम मोदी ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “महिलाओं के लिए विधायी संस्थाओं में आरक्षण समय की मांग है। इससे हमारा लोकतंत्र और अधिक जीवंत एवं सहभागी बनेगा। इस आरक्षण को लागू करने में किसी भी तरह की देरी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण होगी।”

–आईएएनएस

डीसीएच/

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