विश्व सहकारिता आर्थिक मंच देश भर के विश्वविद्यालयों में 500 सहकारी समितियां स्थापित करेगा। विश्व सहकारिता आर्थिक मंच (डब्ल्यूसीओपीईएफ), भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ (एनसीयूआई) और ग्रामीण भारत के गैर सरकारी संगठनों के परिसंघ (सीएनआरआई) के साथ मिलकर देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में ‘कैंपस कोऑपरेटिव’ की स्थापना करेगा। एक बयान में शनिवार को यह जानकारी दी गई।
- देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में ‘कैंपस कोऑपरेटिव’ की स्थापना
- इस कदम का मकसद विश्वविद्यालय परिसरों को यथासंभव आत्मनिर्भर बनाना
- भागीदारी इस आंदोलन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण
देश भर में सहकारी क्षेत्र पर बहुत अधिक जोर
मंच ने कहा कि नई पहल के तहत वह दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में एक ‘कैंपस कोऑपरेटिव’ स्थापित करने की योजना बना रहा है।
डब्ल्यूसीओपीईएफ के संस्थापक दिलीप संघानी ने कहा कि देश भर में सहकारी क्षेत्र पर बहुत अधिक जोर है, और युवाओं की भागीदारी इस आंदोलन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण है।
इस कदम का मकसद विश्वविद्यालय परिसरों को यथासंभव आत्मनिर्भर बनाना
संघानी इफको के चेयरमैन और एनसीयूआई के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में प्रतिभाशाली युवाओं को आकर्षित करने और इसे अधिक ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए कैंपस कोऑपरेटिव सही कदम साबित हो सकता है। डब्ल्यूसीओपीईएफ के कार्यकारी अध्यक्ष विनोद आनंद ने कहा कि इस कदम का मकसद विश्वविद्यालय परिसरों को यथासंभव आत्मनिर्भर बनाना है।


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