हरिद्वार, 8 नवंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में दीपावली के अवसर पर अयोध्या में आयोजित भव्य दीपोत्सव की योग गुरु स्वामी रामदेव ने सराहना की है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई देते हुए कहा कि दीपोत्सव का यह भव्य आयोजन सनातन संस्कृति के गौरव और उसकी समृद्ध परंपराओं का प्रतीक है। यह आयोजन पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है। गुलामी की निशानियों को मिटाकर स्वाभिमान, शौर्य, वीरता और पराक्रम के साथ विकास, निर्भयता और सामाजिक समरसता के नए प्रतिमान स्थापित करने का कार्य मुख्यमंत्री योगी कर रहे हैं।
स्वामी रामदेव ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सनातन धर्म के गौरव हैं। साधुता के साथ-साथ वह नाथ संप्रदाय और सिद्धों की परंपरा का भी गौरव बढ़ा रहे हैं।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधते हुए रामदेव ने कहा कि कुछ साधु, संत-महात्मा आजकल भगवान को भी विभाजित करने में लगे हैं। भगवान और देवी-देवताओं का विभाजित, एकांगी, खंडित स्वरूप हमें नहीं देखना चाहिए। राम-कृष्ण, हनुमान, शिव-शंकर सब एक हैं और जो शिव-शक्ति या राम-कृष्ण में भेद देखता है और सीता-राम, राधा-कृष्ण में भेद देखता है, उसे वेद और सनातन के बारे में नहीं पता है।
पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के जन्मदिन पर बाबा रामदेव ने कहा, “उनके जीवन से दो प्रमुख प्रेरणाएं मिलती हैं। पहली, उन्होंने अपने खानपान पर बहुत संयम रखा और अंतिम लक्ष्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं है, बल्कि इस संकल्प के साथ पूरे समाज को आगे ले जाना है, ‘चाहे हम कुछ दिनों के लिए ही रहें या न रहें, देश की महिमा अमर रहे।’ अगर आज भाजपा सत्ता में है, तो इसके पीछे अथक परिश्रम है। लालकृष्ण आडवाणी ने हर प्रांत, जिले, तहसील और यहां तक कि ब्लॉक स्तर तक भाजपा संगठन को मजबूत बनाने के लिए अथक प्रयास किए। उनका राजनीतिक योगदान अभूतपूर्व है।”
उन्होंने कहा, “सभी राजनीतिक दलों को अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा रखनी चाहिए। किसी भी देवता का अनादर करना या उनका अपमान करना बहुत ही अनुचित है। सभी को मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम से विनम्रता और धर्मपरायणता, योगेश्वर भगवान कृष्ण से ज्ञान और रणनीति तथा भगवान गणेश से नेतृत्व के गुण सीखने चाहिए। पवनपुत्र हनुमान और भगवान शिव की तरह सेवा करते हुए, जहां भी पाप दिखाई दे, वहां लोकतंत्र और संविधान के दायरे में रहकर उस पाप को मिटाने के लिए अथक प्रयास और साहस का प्रदर्शन करना चाहिए। विपक्ष को सड़कों पर अराजकता फैलाना और सत्ता परिवर्तन के सपने देखना बंद कर देना चाहिए। ऐसे दिवास्वप्न देखना छोड़ दें। देश लोकतंत्र और संविधान के सिद्धांतों पर चलेगा।”
रामदेव ने कहा, “हमारे देश के प्रधानमंत्री सनातन धर्म का पालन करते हैं। होली, दीपावली, जन्माष्टमी, रामनवमी से लेकर गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस तक, उन्होंने हमारे राष्ट्रीय त्योहारों का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने सनातन धर्म का सम्मान बढ़ाया है। वे सनातन धर्म के मूल्यों, राम-कृष्ण और शिव की भावना के साथ-साथ देश के लोकतंत्र और संविधान को अपने मन, हृदय और आत्मा से जीते हैं। हमें अपने देश के ऐसे महान प्रधानमंत्री पर गर्व है, जो देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए अपने परिवारों से दूर रहने वाले हमारे सैनिकों के साथ दीपावली का त्योहार मनाते हैं।”
–आईएएनएस
ओपी/एबीएम
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