योगी सरकार की ‘नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना’ से डेयरी सेक्टर में आ रही नई क्रांति

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लखनऊ, 20 मार्च (आईएएनएस)। योगी सरकार की ‘नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना’ उत्तर प्रदेश में डेयरी सेक्टर के सशक्तीकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल बनकर उभर रही है। किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से चलाई जा रही इस योजना के तहत राज्य सरकार ने तीन वर्षों में 204 डेयरी इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य तय किया है। योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए बैंक ऋण स्वीकृति और अनुदान वितरण की प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे डेयरी नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है।…

लखनऊ, 20 मार्च (आईएएनएस)। योगी सरकार की ‘नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना’ उत्तर प्रदेश में डेयरी सेक्टर के सशक्तीकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल बनकर उभर रही है।

किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से चलाई जा रही इस योजना के तहत राज्य सरकार ने तीन वर्षों में 204 डेयरी इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य तय किया है। योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए बैंक ऋण स्वीकृति और अनुदान वितरण की प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे डेयरी नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है।

इस दौरान पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में 10 मंडल मुख्यालय जनपदों में 50 इकाइयों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसमें बैंक ऋण स्वीकृति के केवल 2 मामले (मेरठ व लखनऊ) विचाराधीन हैं।

वहीं, प्रथम किश्त के 12 मामलों (लखनऊ, कानपुर नगर, गोरखपुर, प्रयागराज, अयोध्या व बरेली) और द्वितीय किश्त के 35 मामलों (आगरा, लखनऊ, कानपुर नगर, झांसी, गोरखपुर, अयोध्या, वाराणसी, मेरठ व बरेली) में अनुदान वितरण प्रक्रियाधीन है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में योजना के तहत 8 मंडल मुख्यालय जनपदों में 40 इकाइयों का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 18 बैंक ऋण स्वीकृति के मामले मिर्जापुर, बस्ती, आजमगढ़, गोंडा, बांदा, सहारनपुर और अलीगढ़ जैसे जनपदों में तेजी से प्रक्रिया में हैं। साथ ही 32 लाभार्थियों को प्रथम किश्त का अनुदान तय प्रक्रिया के तहत जल्द अवमुक्त किया जाएगा, जिनमें अलीगढ़, बांदा, आजमगढ़, गोंडा, बस्ती, सहारनपुर और मुरादाबाद प्रमुख हैं।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना का दायरा और बढ़ाते हुए 57 जनपदों में 114 इकाइयों (प्रति जनपद 2 इकाई) का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें जौनपुर, ललितपुर, जालौन, सम्भल, देवरिया और रामपुर जैसे जनपदों में ऋण स्वीकृति शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुकी है। इसके अलावा सभी 57 जनपदों में 114 लाभार्थियों को प्रथम किश्त का अनुदान अवमुक्त करने की प्रक्रिया तेजी से जारी है।

राज्य सरकार ने सभी प्रक्रियागत मामलों के शीघ्र निस्तारण और अनुदान वितरण में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं, ताकि योजना का लाभ समयबद्ध तरीके से किसानों तक पहुंचे। ‘नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना’ के माध्यम से उत्तर प्रदेश न केवल डेयरी सेक्टर को नई दिशा दे रहा है, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम भी उठा रहा है।

–आईएएनएस

डीएससी

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