पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने गुरुवार को कहा कि उनकी पार्टी तीन तलाक विधेयक और सूचना के अधिकार (संशोधन) विधेयक पर केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार का राज्यसभा में समर्थन नहीं करेगी।
मुफ्ती ने ट्वीट कर कहा, “जम्मू कश्मीर का अपना खुद का आरटीआई अधिनियम, 2009 है। राज्यसभा में आरटीआई विधेयक को समर्थन देने का सवाल ही नहीं।”
वह उन मीडिया खबरों का जवाब दे रही थीं जिनमें कहा गया था कि क्या पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) राज्यसभा में आरटीआई (संशोधन) विधेयक का समर्थन करेगी। मुफ्ती ने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी तीन तलाक विधेयक के खिलाफ है।
उन्होंने कहा, “…पीडीपी सांसद (राज्यसभा में) तीन तलाक विधेयक का विरोध करेंगे।”
लोकसभा में गुरुवार को तीन तलाक को अवैध करार देने वाले विवादित विधेयक पर चर्चा शुरू हुई। इस विधेयक के तहत पति को तीन साल तक की जेल हो सकती है।
सूचना का अधिकार (संशोधन) विधेयक, 2019 में केंद्र को केंद्रीय और राज्य स्तर पर सूचना आयुक्तों के वेतन और सेवा शर्तों को तय करने की शक्तियां देने का प्रस्ताव है।
सरकार का इस कदम का विपक्ष और आरटीआई कार्यकर्ता विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इस विधेयक से सूचना आयुक्तों का प्राधिकार कम होगा।


Download Android App
Download iOS App



