Pulwama Terrorist Attack:सीकर के राजकुमार ने बयां किया अपना ‘आंखों देखा हाल’,रूह कांप उठी जब हुआ धमाका

Summary :

सीकर के राजकुमार बीते 2 दिन पहले कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ की बस पर आतंकी हमले में बाल-बाल बचे हैं। राजकुमार ने जब अपनी आंखो देखी

सीकर के राजकुमार बीते 2 दिन पहले कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ की बस पर आतंकी हमले में बाल-बाल बचे हैं। राजकुमार ने जब अपनी आंखो देखी इस आतंकी हमले का किस्सा सुनाया तो मानों दिल दहल उठा। गुरुवार के दिन समय 3 बजकर 45मिनट पर हुए इस हदसे के दौरान उनकी आंखो के सामने ही 40 से ज्यादा उनके साथी शाहिद हो गए।

कश्मीर के पुलवामा के अवंतीपोरा इलाके से करीब सेना के 78 वाहनों का काफिला गुजर रहा था। ये सभी सैनिक छुट्टियों से वापस सरहद पर लौट रहे थे। राजकुमार ने बताया कि वे सेना की सबसे आगे वाली गड़ी में सवार थे। उसी दौरान जब पीछे आ रही तीसरी बस में जब जोरदार धमाका हुआ और बस के परखच्चे उड़ गए।

उस समय चारों और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। उसके बाच राजकुमार और उनके अन्य साथियों ने मोर्चा संभालते हुए घायल जवानों को बचाने की कोशिश में जुट गए।

 पुलवामा में हुआ ये हदसा वाक्या में रूह झकझोर देने वाला था। ये आंतकी हमला इतना जोरदार था की शवों के चिथड़े उड़ गए थे। राजकुमार झाझडिय़ा सीकर के थोई कल्याणपुरा निवासी हैं और कश्मीर में ये सीआरपीएफ में तैनात हैं।

परिजनों का फ़ोन आने के बावजूद नहीं उठाया

राजकुमार ने आगे बताया कि हमले के बाद परिवार वालो का बहुत बार फोन भी आया लेकिन नहीं उठाया। क्योंकि वह अपने बाकी साथियों की मदद करने में जुटे हुए थे। फिर उन्होंने बाद में अपने परिवार वालों को फोन करके बताया कि वह सुरक्षित हैं लेकिन उन्होंने अपने बाकी साथियों को खो दिया।

परिवार वालों का कहना है कि हमले के बाद उनकी सांसे अटक गई थी। इतने सारे फोन करने के बाद भी बेटे ने जब फोन नहीं उठाया तो और ज्यादा चिंता बढ़ गई। लेकिन जब चार घंटे बाद बेटे का फोन आया तब जाकर कहीं शंाति मिली। लेकिन गम था कि बेटे ने अपने बाकी साथियों को खो दिया है।

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