Gardening Tips: भीषण गर्मी में कहीं सूख न जाए शमी का पौधा, जानें कैसे करें इसका बचाव

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भीषण गर्मी में शमी के पौधे की सुरक्षा के लिए अपनाएं ये खास उपाय

गर्मी में शमी के पौधे को बचाने के लिए विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। तेज धूप के कारण पौधे सूख सकते हैं। इसलिए शमी के पौधे को नियमित रूप से पानी दें और उसे छायादार स्थान पर रखें। शमी के पौधे को बढ़ने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी की ज़रूरत होती है। इस पौधे को सही तरीके से उगाने के लिए आपको एक-दो महीने के बाद समय-समय पर गोबर, नीम की खली और जैविक खाद डालते रहना चाहिए।

गर्मी की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में लोग तेज धूप-पसीने तरह-तरह की चीजों का सामना करते हैं। इस बीच लोगों को अपनी लाइफ के साथ-साथ पेड़ पौधे का ख्याल कैसे रखे इसका सबसे अधिक टेंसन लगा रहता है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि गर्मी पौधों पर कैसे असर डालता हैं। हालांकि सब घरों में कुछ पौधों को लोग पूजा-पाठ या सुख समृद्धि को बढ़ाने के लिए जरूर रखते हैं। ऐसे ही एक पौधा है शमी का।

शमी की करते हैं पूजा

शमी के पौधे को हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है और लोग इसे घर पर लगाना पसंद भी करते हैं. आजकल लोग फ्लैट में रहते हैं और पौधों को गमले में लगाते हैं. अगर आप भी शमी के पौधे को लगाना चाहते हैं या ग्रोथ को बढ़ाना चाहते हैं तो आप इन टिप्स की मदद ले सकते हैं.

इस तरह रखें ध्यान

पौधे के लिए सबसे ज़रूरी चीज़ है सही मिट्टी का इस्तेमाल करना। अगर गलत मिट्टी का इस्तेमाल किया गया तो पौधा नहीं उग पाएगा और अंततः सूख जाएगा। शमी का पौधा लगाने से पहले मिट्टी तैयार कर लें। कभी भी चिकनी मिट्टी का इस्तेमाल न करें। मिट्टी में कुछ मात्रा में रेत होनी चाहिए। अगर आप चिकनी मिट्टी का इस्तेमाल करते हैं तो इसकी जड़ों में पानी जमा हो सकता है जो पौधे को नुकसान पहुंचाता है। शमी के पौधे को धूप में रखना चाहिए।

इतना ही पानी दें

पानी हर किसी के लिए ज़रूरी है। शमी के पौधे को बढ़ने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी की ज़रूरत होती है। इस पौधे को सही तरीके से उगाने के लिए आपको एक-दो महीने के बाद समय-समय पर गोबर, नीम की खली और जैविक खाद डालते रहना चाहिए।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।