मानसून में मध्य प्रदेश में स्वाइन फ्लू की एंट्री हो गई है। ऋषि नगर एक्सटेंशन निवासी 60 वर्षीय महिला सरोज नागर की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, 31 जुलाई को अहमदाबाद की एक लैब में जांच के दौरान महिला में स्वाइन फ्लू के संक्रमण की पुष्टि हुई थी। गंभीरता को देखते हुए महिला को इंदौर के कोकिलाबेन अस्पताल में रैफर किया गया था। यहां महिला का 16 दिन इलाज चला, इसके बाद उसकी घर पर मौत हो गई।
31 जुलाई को हुई जांच रिपोर्ट आई पॉजिटिव
28 जुलाई को तबीयत बिगड़ने पर महिला को अवंतिका अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। हालत में सुधार न होने और स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखने पर 31 जुलाई को उनकी जांच कराई गई, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद उन्हें गंभीर हालत में इंदौर के कोकिलाबेन अस्पताल में रेफर किया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टर एच.पी. सोनानिया ने जानकारी दी कि लंबे समय बाद शहर में स्वाइन फ्लू का यह मामला सामने आया है।

परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
परिजनों का आरोप है कि स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने परिवार को कोई खास दिशा-निर्देश नहीं दिए और न ही परिवार के सदस्यों की जांच कराई। हालांकि, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने घर जाकर परिवार के सदस्यों की जानकारी और लिस्ट तैयार की थी। परिजनों का कहना है कि उनकी स्क्रीनिंग भी नहीं हुई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि संक्रमण की पुष्टि के बाद परिवार के बाकी सदस्यों की निगरानी और जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने क्या कदम उठाए।
स्वाइन फ्लू से इस सीजन की पहली मौत
महिला में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि टीम ने उनके परिवार और आसपास के इलाकों में सर्वे किया है। डॉक्टर सोनानिया के अनुसार, इस सर्वे में किसी अन्य व्यक्ति में स्वाइन फ्लू के लक्षण नहीं मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की है कि मध्य प्रदेश में इस सीजन की स्वाइन फ्लू से हुई पहली मौत है। इसके बाद से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है और साथ ही निगरानी बढ़ा दी गई है।
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