देहरादून : प्रदेश के श्रम मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की अध्यक्षता में विधान सभासभा कक्ष में उत्तराखंड असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड की बैठक में असंगठित मजदूरों के लाभ के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। श्रम मंत्री डॉ रावत ने बताया की पंजीकृत असंगठित मजदूर की मृत्यु होने पर एक लाख रूपये, मजदूर की अंत्येष्टी के लिए 10 हजार रूपये व मजदूर की दुर्घटना और बीमारी के दौरान खर्च को वहन करने की संस्तुति, बोर्ड ने प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने का निर्णय लिया।
डॉ रावत ने पूरे प्रदेश में असंगठित मजदूरों के सर्वे के लिए मात्र 50 हजार रूपये का प्रावधान किये जाने पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अभी बोर्ड द्वारा मात्रा 25,700 मजदूरों का पंजीकरण करना अपर्याप्त है। इसमें प्रधानमंत्री कर्मयोगी योजना, भवन निर्माण एवं अन्य सन्निकार कर्मकारों को भी शामिल किया जाना चाहिए। श्रम मंत्री डॉ रावत ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन और प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मान-धन योजना का समुचित प्रचार-प्रसार न करने पर भी असन्तोष जताया।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना में 18 से 40 आयु वर्ग के समस्त कर्मकार, जिनकी मासिक आय 15 हजार रूपये हो, नामांकन करा सकते हैं। इसमें 60 वर्ष की आयु के उपरान्त कर्मकार को 3 हजार रू प्रतिमाह की पेंशन प्रदान की जाती है। इसी तरह प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मान-धन योजना में 18 से 40 आयु वर्ग के समस्त खुदरा व्यापारी, दुकानदार तथा स्वनियोजित व्यक्ति जिनका वार्षिक टर्नओवर 1.50 करोड़ रू. अथवा उससे कम हो, अपना नामांकन करा सकते हैं।
इसमें भी 60 वर्ष आयु के उपरान्त 3 हजार रू. प्रतिमाह की पेंशन प्रदान की जाती है। बोर्ड की बैठक में विधायक सहदेव पुण्डीर, सचिव श्रम हरबंस सिंह चुग, अपर सचिव पंचायती राज एच सी सेमवाल, आयुक्त श्रम आनन्द कुमार श्रीवास्तव और अमित कुमार सेमवाल मौजूद थे।


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