आयुर्वेद छात्रों को मिला राज्य आंदोलनकारियों का समर्थन

Summary :

आयुष कालेजों की मनमानी के खिलाफ धरने पर बैठे छात्रों का उत्साह उस समय दोगुना हो गया जब राज्य आंदोलनकारियों ने छात्रों की मांग को जायज ठहराते हुए आंदोलन का समर्थन किया।

देहरादून : आयुष कालेजों की मनमानी के खिलाफ धरने पर बैठे छात्रों का उत्साह उस समय दोगुना हो गया जब राज्य आंदोलनकारियों ने छात्रों की मांग को जायज ठहराते हुए आंदोलन का समर्थन किया। सोमवार को वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी और पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र जुगरान छात्रों के बीच परेड ग्राउंड स्थित धरना स्थल पहुंचे। यहां छात्रों की मांग को जायज बताया। साथ ही छात्रों का उत्साह भी बढ़ाया। 
धरना स्थल पर छात्रों को संबोधित करते हुए जुगरान ने कहा कि प्रदेश सरकार की नीति पूरी तरह प्रदेश के युवाओं के खिलाफ लगती है। प्रदेश का युवा जहां रोजगार के लिए तरस रहा है वहीं अपने अधिकारों और मांगों को लेकर उन्हें हर रोज आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बेरोजगार युवाओं की आवाज को दबाया जा रहा है। आयुर्वेद कालेजों को छात्रों के भविष्य के बारे में सोचना चाहिए न कि फीस वृद्धि के बारे में। इस दौरान ललित तिवारी, अजय, शिवम शुक्ला, हार्दिक, प्रखर, फैसल सिद्दीकी, भास्कर, दिव्या, कृति, सलमान, आमिर आदि मौजूद रहे। 
निजी आयुष कॉलेजों की मनमानी पर छात्र-छात्राओं का आमरण अनशन सोमवार को भी जारी रहा। छात्रों का आरोप है कि राज भवन और सरकार पूरी तरह से समस्या पर चुप्पी साधे है। यही कारण है कि कॉलेज हाईकोर्ट का आदेश भी मानने को तैयार नहीं। सोमवार को दर्जनों आयुर्वेद छात्रों ने परेड ग्राउंड धरना स्थल पर सरकार की बुद्धि शुद्धि के लिए हवन यज्ञ का आयोजन किया। छात्रों ने हवन कुंड में आहुति डाल कर संबंधित अधिकारियों और सरकार की सतबुद्धि के लिए कामना की। छात्रों ने कहा कि इस यज्ञ से बुद्धि परिवर्तन होगा और उन्हें हमारी पीड़ा समझ में आ जाएगी।

Desk Team