कर्नाटक में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर काफी बवाल मचा, तो सरकार ने इस पर दिशा-निर्देश जारी किए। कर्नाटक सरकार द्वारा अज़ान और हनुमान चालीसा विवाद के बाद लाउडस्पीकर के उपयोग के संबंध में एक परिपत्र जारी करने के साथ, राज्य के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने बुधवार को कहा कि इसके कार्यान्वयन की कड़ाई से निगरानी की जाएगी और किसी भी उल्लंघन के मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने मंगलवार को जारी किए थे दिशा-निर्देश
ज्ञानेंद्र ने कहा, ”लाउडस्पीकर के मुद्दे के संबंध में, मंगलवार को दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। आवेदन दाखिल करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है, (नामित) अधिकारियों का भी इसमें (दिशानिर्देश) उल्लेख किया गया है। निर्देशों का सख्ती से पालन किया जा रहा है, लाउडस्पीकर का उपयोग रात 10 बजे से सुबह छह बजे के बीच नहीं किया जा सकता है। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी उल्लंघन के मामले में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सिर्फ इस स्थिति को छोड़कर, बाकी
उन्होंने कहा, ”अनुमति के बिना कोई भी लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं कर सकता है, और सभी को जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।” सरकार द्वारा मंगलवार को जारी परिपत्र में लाउडस्पीकर के उपयोगकर्ताओं को 15 दिनों के भीतर ‘‘नामित प्राधिकारी’’ से लिखित अनुमति प्राप्त करने के लिए कहा गया है। यह सार्वजनिक आपात स्थिति को छोड़कर, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच लाउडस्पीकर के उपयोग पर भी प्रतिबंध लगाता है।
हाल ही में श्री राम सेना सहित कुछ हिंदू समूहों ने मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकर के खिलाफ कार्रवाई करने में सरकार की विफलता का आरोप लगाते हुए एक अभियान शुरू किया था, जिसमें राज्य के विभिन्न हिस्सों में मंदिरों में ‘हनुमान चालीसा’, ‘सुप्रभात’, ‘ओंकार’ और अन्य भक्ति गीत बजाये गये थे।


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