धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के गेट पर खालिस्तानी झंडे लगे देखे जाने के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और इसे ‘कायरतापूर्ण’ करार दिया है। उन्होंने आगे कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना की निंदा करते हुए सीएम जयराम ठाकुर ने कहा, “स्थान पर सीसीटीवी कैमरे हैं, हम उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं। मैं हिमाचल प्रदेश के लोगों से भी शांति बनाए रखने का आग्रह करना चाहता हूं। हम निश्चित रूप से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। हम अन्य राज्यों के साथ अपनी सीमा सुरक्षा प्रणाली की भी समीक्षा करेंगे और इसे और अधिक मजबूत बनाने का प्रयास करेंगे।”
CM ठाकुर ने की घटना की निंदा, कही यह बात
सीएम ठाकुर ने अपने ट्विटर पर पोस्ट करते हुए लिखा, “मैं रात के अंधेरे में धर्मशाला विधानसभा परिसर के गेट पर खालिस्तान के झंडे फहराने की कायराना घटना की निंदा करता हूं।” विधानसभा में सुरक्षा को लेकर ठाकुर ने कहा, ”इस विधानसभा में सिर्फ शीतकालीन सत्र होते हैं, इसलिए उस दौरान ही अधिक सुरक्षा की जरूरत होती है। इसका फायदा उठाकर इस कायराना घटना को अंजाम दिया गया है, लेकिन हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।” इस घटना की जल्द जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

पंजाब में आप सरकार बनने के बाद उभर रहा खालिस्तानी
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बाहर लगे खालिस्तानी झंडों को लेकर एक मीडिया चैनल से बात करते हुए बीजेपी प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा, ‘पंजाब में आप की सरकार बनने के बाद से खालिस्तानी तत्वों में उछाल आया है, यह पटियाला के मलेरकोटला में हुआ। करनाल में खालिस्तानियों की जड़ें फैजपुर (पंजाब) से पकड़ी गईं। अब यह हिमाचल में हुआ।
इससे पहले, आरपी सिंह ने भाजपा नेता तेजेंदर बग्गा की गिरफ्तारी पर आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा और कहा कि दिल्ली के सीएम पटियाला हिंसा के बाद पंजाब में खालिस्तानियों के उभरने पर सवालों से बचने के लिए लोगों का ध्यान भटका रहे हैं।
हिमाचल विधानसभा के बाहर घटी यह घटना
हिमाचल प्रदेश विधानसभा गेट के बाहर के दृश्य क्षेत्र में आतंक को भड़काने के इरादे से दीवारों पर लगाए गए, खालिस्तानी तत्वों द्वारा अंजाम दी गई इस घटना की जानकारी देते हुए, एसपी कांगड़ा, खुशाल शर्मा ने बताया, “यह आज देर रात या सुबह-सुबह हुआ होगा। हमने विधानसभा गेट से खालिस्तान के झंडे हटा दिए हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले मार्च में सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू ने शिमला में खालिस्तानी झंडा फहराने का आह्वान किया था और इसके जवाब में भारत के आतंकवाद विरोधी मोर्चा ने डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर खालिस्तानी झंडा जला दिया था। शिमला में खालिस्तान की मांगों के खिलाफ नारेबाजी की।
हिमाचल सौहार्दपूर्ण राज्य है और यहां शांति कायम रहनी चाहिए।
धर्मशाला में हुई घटना के दोषी जहां भी होंगे उन्हें शीघ्र पकड़ा जाएगा।
उन लोगों का यह कायरतापूर्ण दौर अब अधिक नहीं चलेगा।
निश्चित तौर पर इस घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। pic.twitter.com/3CazfkTODZ
— Jairam Thakur (@jairamthakurbjp) May 8, 2022


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