तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने भारी बारिश के कारण चेन्नई, कांचीपुरम, तिरुवल्लूर और चेंगलपट्ट जिलों में आवश्यक सेवाओं, स्कूलों और कॉलेजों और सभी सरकारी कार्यालयों में शुक्रवार को छुट्टी की घोषणा की है। दरअसल, चेन्नई में करंट लगने से 3 लोगों की मौत हो गई और जलभराव के कारण चार सबवे बंद हो गए हैं।
स्टालिन ने शहर के जलभराव वाले इलाकों का दौरा किया और स्थिति का मूल्यांकन करने के लिए गुरुवार रात रिपन भवन में आयुक्त कार्यालय में ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन के आयुक्त गगन सिंह बेदी और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की। सबवे बंद होने और चेन्नई के कुछ इलाकों में भारी जलभराव के कारण यातायात की गति धीमी रही।
करंट लगने से 3 लोगों की हुई मौत
राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री, केकेएसएसआर रामचंद्रन ने कहा, चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों में बिजली के झटके और आपदा के कारण 3 लोगों की जान चली गई। राहत कार्य जोरों पर है। हमने पहले ही जलभराव के कारण चार सबवे बंद कर दिए हैं और दो एनडीआरएफ की कंपनियां पहले से ही शहर में हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भारी बारिश के पूर्वानुमान के संबंध में मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को चेन्नई और आसपास के जिलों में छुट्टी की घोषणा की है। अधिकारियों के अनुसार, भारी बारिश के कारण चेंबरमबक्कम झील का भंडारण स्तर बढ़कर कुल क्षमता का 98 प्रतिशत हो गया है। अंतर्वाह 2900 क्यूसेक है जबकि झील से बहिर्वाह 1000 क्यूसेक है।
4 जिलों में जारी हुआ ‘रेड अलर्ट’
चेन्नई और कांचीपुरम जिलों के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या बनी हुई है और मौसम विभाग ने शुक्रवार को चेन्नई, कांचीपुरम, चेंगलपट्ट और तिरुवल्लूर जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने बताया कि अगले तीन दिनों के दौरान उत्तरी तटीय तमिलनाडु और दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत बारिश की जारी रहने की संभावना है और उसके बाद कमी आएगी।


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