महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार (एमवीए) हुई टूट का शिकार, स्वाभिमानी पक्ष पार्टी ने महाविकास अघाड़ी के साथ संबंध तोड़ने का ऐलान कर दिया है। इसके नेता राजू शेट्टी ने मंगलवार को पार्टी के पदाधिकारियों के साथ दिनभर के विचार-विमर्श के बाद समापन भाषण के दौरान यह घोषणा की। शेट्टी ने कहा कि अब से स्वाभिमानी पक्ष और एमवीए के बीच किसी प्रकार का कोई संबंध नहीं है। बता दें कि शेट्टी ने हाल ही में अपनी पार्टी के एकमात्र विधायक देवेंद्र भुयार को संगठन से निष्कासित कर दिया है।
MVA में आई दरार, जानें क्या है बड़ी वजह
शेट्टी ने कहा, “किसानों का हित एमवीए द्वारा तय किए गए न्यूनतम साझा कार्यक्रम का केंद्र बिंदु था। मेरी पार्टी भी इसका हिस्सा थी। हालांकि, पिछले ढाई वर्षों में हमें बाढ़ क्षति के उचित मुआवजे की मांग के लिए राज्य सरकार के खिलाफ विरोध करना पड़ा। हमें किसानों के भूमि अधिग्रहण मुआवजे को कम करने के सरकार के फैसले का विरोध करना पड़ा।” उन्होंने दावा किया कि हर मुद्दे पर एमवीए सरकार ने किसानों को विफल किया है। इसलिए, मैं एमवीए के साथ सभी संबंधों को तोड़ने की घोषणा करता हूं। इसके बाद हम खेतों का दौरा करेंगे, किसानों से मिलेंगे और उन्हें अपनी स्थिति बताएंगे।
MVA से नाता तोड़ने के बाद शेट्टी ने कही ये बात
शेट्टी ने जिला परिषद सदस्य के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी और दो बार सांसद बने थे। वह उन 12 व्यक्तियों में शामिल हैं, जिन्हें राज्यपाल कोटे के तहत विधायक बनाने की सिफारिश की जाती है। शेट्टी ने कहा, “मैं राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मेरा नाम सूची से हटाने के लिए कहूंगा।” 3 अप्रैल को कोल्हापुर की अपनी यात्रा के दौरान, राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा था कि गठबंधन से छोटे संगठनों की चिंताओं को देखना उनकी जिम्मेदारी है।


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