जहां एक तरफ रामनवमी के मौके पर बिहार और पश्चिम बंगाल में हिंसा भड़की थी। तो वहीं दूसरी तरफ हैदराबाद में रामनवमी जुलूस के दौरान लोग नाथूराम गोडसे की तस्वीर लेकर नाचते दिखाई दिए।बता दें अब इस मामले को लेकर सांसद और एआईएमआईएम (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी की प्रतिक्रिया सामने आई है।
ओवैसी ने कहा कि नाथूराम गोडसे भारत का पहला आतंकवादी था और ये कौन लोग हैं जो महात्मा गांधी के हत्यारे की फोटो लेकर नाच रहे हैं? ओवैसी ने कहा कि अगर कोई ओसामा बिन लादेन की फोटो लेकर ऐसा करता तो कहा जाता कि मजलिस की वजह से हैदराबाद आतंकवादियों का अड्डा बन गया है और पुलिस घर का दरवाजा तोड़ देती। लेकिन अब सन्नाटा क्यों है?

इतना ही नहीं असदुद्दीन ओवैसी ने इस दौरान हैदराबाद पुलिस की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जो रामनवमी के जुलूस के दौरान नाथूराम गोडसे की तस्वीर दिखा रहे थे, लेकिन अगर कोई ओसामा बिन लादेन की तस्वीर लाता तो कहते कि मजलिस की वजह से हैदराबाद आतंकवादियों का अड्डा बन गया है तो पुलिस घर का दरवाजा तोड़ देती।
दरअसल, रामनवमी पर बीजेपी से निलंबित विधायक टी. राजा सिंह के नेतृत्व में सीतारामबाग के एक मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई थी जो गोशामहल के विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरी. इस यात्रा में लोग हाथों में भगवा झंडे के साथ नाथूराम गोडसे की तस्वीर लेकर झूमते दिखाई दिए।


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