कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को मणिपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा, उन्होंने भारत को ‘राज्यों के संघ’ के रूप में संदर्भित किया। कांग्रेस नेता ने कहा कि संसद में उनके द्वारा दिए भाषण में भारत के बारे में उनका विवरण इस पर आधारित है कि संविधान में देश को कैसे परिभाषित किया गया है। राहुल ने कहा कि “मैंने अपने देश की स्थिति के बारे में संसद में बात की थी। वहां पर मैंने अपने देश को राज्यों के संघ के रूप में वर्णित किया। यह संविधान में हमारे भारत की परिभाषा है। संविधान में हमने खुद को राज्यों के संघ के रूप में परिभाषित करना चुना है।”
राहुल गांधी ने बताई भारत की 2 परिभाषाएं
उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके वैचारिक मूल संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को यह संदर्भ पसंद नहीं आया क्योंकि संघ का देश के बारे में एक अलग दृष्टिकोण है। राहुल ने मणिपुर की राजधानी इंफाल में कहा, “हमारे देश की दो परिभाषाएं हैं। एक परिभाषा यह है कि यह राज्यों का संघ है, लोगों का संघ है जहां भारत में हर एक राज्य का समान अधिकार है।” उन्होंने कहा, ‘दूसरा बीजेपी का विजन है जिससे हम लड़ते हैं। उनकी दृष्टि है कि एक विचारधारा, एक विचार, एक भाषा है जो अन्य सभी विचारों, भाषाओं और अन्य सभी संस्कृतियों से श्रेष्ठ है। आज भारत में यही लड़ाई हो रही है।”
श्रेष्ठता नहीं सिखने की भावना से आता हूं मणिपुर :राहुल
राहुल गांधी ने आगे कहा कि “जब भाजपा और आरएसएस मणिपुर आते हैं, तो वे सम्मान और समझ के साथ नहीं आते हैं। वे श्रेष्ठता की भावना के साथ आते हैं। जब मैं यहां आता हूं तो विनम्रता के साथ आता हूं। मैं विनम्रता के साथ आता हूं क्योंकि मैं समझता हूं कि आपके पास देने के लिए बहुत कुछ है, मैं आपसे बहुत कुछ सीख सकता हूं- विविध जनजातियों से, घाटी से, पहाड़ियों से, यहां के सभी लोगों से बहुत कुछ सिखने मिलता है।”
उन्होंने कहा, ‘‘ यही हमारे बीच का अंतर है।’’ उन्होंने जोर दिया कि अगर कांग्रेस मणिपुर में सत्ता में आती है तो प्रदेश की ऐतिहासिकता, संस्कृति, भाषा एवं परंपराओं का संरक्षण करेगी। कांग्रेस के पास मणिपुर की स्थिति में सुधार का समाधान है और हम चाहते हैं कि राज्य की संस्कृति देश के अन्य हिस्सों में फैले, वहीं प्रदेश के लोगों को भी अन्य दूसरों से सीख लेनी चाहिए।


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