महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों में लाउडस्पीकर विवाद पर सियासत गरमाई हुई है। लाउडस्पीकर मसले पर विवाद अभी थमने वाला नहीं है। इस संवेदनशील मामले पर विपक्ष के कई बड़े नेता बड़ी बेबाकी से अपना बयान दे चुके है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे प्रदेश के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को कड़े लहजे में अल्टीमेटम भी दे चुके है। ऐसे में मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने भी इस मसले पर एक बड़ा बयान दिया है।
अपने भाषण में कुछ भी आपत्तिजनक कहा, तो
किशोरी पेडनेकर ने कहा, अगर उन्होंने अपने भाषण में कुछ भी आपत्तिजनक कहा, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, जहां तक हनुमान चालीसा की बात है तो मुसलमानों सहित किसी ने भी इसका विरोध नहीं किया है। हालांकि, कानून सबके लिए एक है। इसलिए मंदिरों और मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटा लिए जाएंगे। इस दौरान उन्होंने सभी से शांति बनाए रखने की भी अपील की।

तो उनकी सारी जिंदगी कोर्ट के चक्कर में कट जाएगी
इस दौरान किशोरी पेडनेकर ने मनसे कार्यकर्ताओं को भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, अगर कार्यकर्ताओं ने कानून अपने हाथ में लिया तो उनकी सारी जिंदगी कोर्ट के चक्कर लगाने में कट जाएगी। उन्होंने कहा राज ठाकरे की वजह से मंदिरों से भी लाउडस्पीकर हटाए जा रहे हैं। गांव के कई लोग मंदिरों से दूर रहते थे, इसलिए वहां लाउडस्पीकर का प्रयोग किया जाता था। हालांकि, अब उन्हें हटा लिया जाएगा। राज ठाकरे का यह कृत्य हिंदू विरोधी है।
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महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने मांगी रिपोर्ट
गौरतलब है कि इससे मुंबई पुलिस ने राज ठाकरे की जनसभा पर महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने रिपोर्ट सौंपने को कहा है। राज ठाकरे ने रविवार को कहा कि वह मस्जिदों से लाउडस्पीकरों को हटाने के लिए 3 मई की समय सीमा पर दृढ़ हैं, जिसे लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को उन्होंने उपद्रव करार दिया और कहा कि अगर इन्हें नहीं हटाया जाता है तो सभी हिंदू मस्जिदों के बाहर लाउडस्पीकर में हनुमान चालीसा बजाएंगे।


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