रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि तेजी से बदलती दुनिया में विकास जरूरी है, लेकिन पर्यावरण को नजरंदाज कर विकास के हम पक्षधर नहीं हैं और पर्यावरण के अनुकूल विकास के लिए हमारी सरकार कृतसंकल्पित है। श्री दास ने यहां निर्माणाधीन झारखंड विधानसभा के परिसर में पौधरोपण के बाद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यही कारण है कि पिछले दो वर्ष में हमारी सरकार ने वृहद पौधारोपण कार्यक्रम चलाया। पौधारोपण को अब जनआंदोलन के रूप में परिणत किया गया है जिसका सकारात्मक परिणाम अब दिखने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि जल-जंगल-जमीन हमारे लिए केवल नारा नहीं है, यह हमारी विरासत है। इसका संरक्षण और संवद्र्धन हमारी जिम्मेवारी है। पेड़-पौधे पर्यावरण के साथ हमारे आध्यात्म और आजीविका से भी जुड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरना और सनातन धर्म मानने वाले प्रकृति के उपासक हैं और दोनों की जीवन शैली और आस्था का अटूट हिस्सा वृक्ष है। जलवायु और पर्यावरण को लेकर जो बातें दुनिया आज बोल रही है, सरना-सनातन धर्मावलंबी सदियों से इनका संरक्षण करते आये हैं।
उन्होंने नये विधानसभा का निर्माण कर रहे मजदूरों से परिसर में वृक्ष लगाने का आह्वान करते हुए कहा कि वर्षों तक विधानसभा उनके योगदान को याद रखेंगी। यह देश की सबसे अच्छी विधानसभा होगी, जो पर्यावरण सापेक्ष हरियाली के बीच बनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2019 का बजट सत्र नये विधानसभा परिसर में हो, इसके लिए संवेदक तेजी से काम करें। समय पूर्व विधानसभा निर्माण करने पर संवेदक और मजदूरों को पुरस्कृत किया जाएगा। श्री दास ने कहा कि इस परिसर के लिए जमीन देनेवालों का ख्याल सरकार रख रही है और उनके पुनर्वास के लिए 245 करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं।
इस वर्ष जुलाई माह में 2.60 करोड़ वृक्ष लगाने का लक्ष्य रखा गया था। उन्होंने कहा कि जुलाई के अंत तक 2.68 करोड़ वृक्ष लगाये गये हैं । इसे पूरा करने के लिए सरकारी महकमे के अलावा स्वयंसेवी संस्था के अलावा आम लोग भी सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने कहा कि वसुधा पर हरियाली कायम रहे। उन्होंने कहा कि संविधान के नीति निर्देशक और मौलिक कर्तव्य में पर्यावरण संरक्षण और संवद्र्धन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
झारखंड के संसदीय कार्य मंत्री सरयू राय ने कहा कि वनों के कटने से भी रोकना होगा। पौधारोपन के साथ-सात इस पर ध्यान देने की जरूरत है। विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, के अलावा मंत्रिमंडल के सदस्यों तथा विधायकों ने पौधारोपण किया और निर्माणाधीन विधानसभा भवन का अवलोकन भी किया। इस दौरान राज्य सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु विभाग के प्रधान सचिव इंदूशेखर चतुर्वेदी, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव के.के. सोन समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।


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