मध्यप्रदेश सरकार ने केन्द्र सरकार की सेवाओं और शिक्षण संस्थाओं में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान का लाभ देने के लिये आय एवं संपत्ति का प्रमाण-पत्र जारी करने के लिये अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तथा तहसीलदार को प्राधिकृत किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सभी जिला कलेक्टर्स को इस बारे में निर्देश जारी कर दिये गये हैं।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार भारत सरकार द्वारा 103वें संविधान संशोधन के माध्यम से भारत सरकार की सेवाओं एवं शिक्षण संस्थाओं में वर्तमान आरक्षण की योजनाओं में नहीं आने वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है।
राज्य सरकार ने केन्द्रीय सेवाओं और शिक्षण संस्थानों में प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को भी इस प्रावधान का लाभ मिलना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रारूप में आय एवं संपत्ति का प्रमाण-पत्र समुचित जाँच और संतुष्टि के पश्चात जारी किये जाने के निर्देश दिये हैं।


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