महाराष्ट्र के पालघर में दो साधुओं और उनके ड्राइवर की लिंचिंग मामले में पुलिस ने शुक्रवार को हिरासत में लिए गए 5 लोगों को 13 मई तक के अपराध जांच विभाग (CID) की हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं अब तक इस मामले में 9 नाबालिगों सहित कुल 115 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पालघर पुलिस ने इस गिरफ्तारी को लेकर जानकारी दी।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को इस मामले की सीबीआई या विशेष जांच टीम (एसआईटी) जैसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग करने वाली एक याचिका पर महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट अधिवक्ता अलख आलोक श्रीवास्तव द्वारा दायर याचिका के जवाब में 22 मई तक अपना हलफनामा दाखिल करने और 16 अप्रैल की इस घटना की अपनी जांच का ब्योरा सौंपने का भी निर्देश दिया।
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गौरतलब है कि यह घटना 16 अप्रैल की रात हुई थी, जब तीन लोग एक अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए एक कार से मुंबई से सूरत जा रहे थे। पालघर जिले के एक गांव में उनकी कार को भीड़ ने रोक लिया और बच्चा चोर होने के संदेह में कार में सवार दो साधुओं और ड्राइवर समेत तीन लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी।


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