उत्तराखंड : ग्लेशियर टूटने के बाद अलर्ट जारी, कई मजदूरों के लापता होने की आशंका, UP में भी हाई अलर्ट

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उत्तराखंड के चमोली जिले की ऋषिगंगा घाटी में रविवार को हिमखंड के टूटने से अलकनंदा और इसकी सहायक नदियों में अचानक आई विकराल बाढ़ के बाद गढ़वाल क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है। हा

उत्तराखंड के चमोली जिले की ऋषिगंगा घाटी में रविवार को हिमखंड के टूटने से अलकनंदा और इसकी सहायक नदियों में अचानक आई विकराल बाढ़ के बाद गढ़वाल क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है। हालांकि, बाढ़ से अभी तक जनहानि की कोई सूचना नहीं है लेकिन ऋषिगंगा पर बनी एक बिजली परियोजना को इससे भारी नुकसान पहुंचा है।
बाढ़ से चमोली जिले के निचले इलाकों में खतरा देखते हुए राज्य आपदा प्रतिवादन बल और जिला प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और लोगों से अपील की जा रही है कि वे गंगा नदी के किनारे पर न जाएं। हिमखंड टूटने की घटना पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिव आपदा प्रबंधन और चमोली की जिलाधिकारी से पूरी जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री लगातार पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और सभी संबंधित जिलों को अलर्ट 
मुख्यमंत्री लगातार पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और सभी संबंधित जिलों को अलर्ट कर दिया गया है। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क से निकलने वाली ऋषिगंगा के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में टूटे हिमखंड से आई बाढ़ के कारण धौलगंगा घाटी और अलकनन्दा घाटी में नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है जिससे श्रृषिगंगा और धौली गंगा के संगम पर स्थित रैणी गांव के समीप स्थित एक निजी कम्पनी की श्रृषिगंगा बिजली परियोजना को भारी नुकसान पहुंचा है।
धौली गंगा के किनारे बाढ़ के वेग के कारण जबरदस्त भूकटाव हो रहा
इसके अलावा, धौली गंगा के किनारे बाढ़ के वेग के कारण जबरदस्त भूकटाव हो रहा है। चमोली के जिला प्रशासन की ओर से अलकनन्दा नदी के किनारे रह रहे लोगों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। श्रृषिगंगा में आई बाढ़ के पानी के वेग को देखते हुए रैणी और तपोवन कस्बों में लोग दहशत में आ गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रातः अचानक जोर की आवाज के साथ धौली गंगा का जलस्तर बढ़ता दिखा। पानी तूफान के आकार में आगे बढ़ रहा था और वह अपने रास्ते में आने वाली सभी चीजों को अपने साथ बहाकर ले गया।
रैणी से लेकर श्रीनगर तक अलकनन्दा के किनारे रह रहे लोगों के लिए चेतावनी जारी
चमोली के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि मौके पर प्रशासन का दल पहुंच गया है और नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। रैणी से लेकर श्रीनगर तक अलकनन्दा के किनारे रह रहे लोगों के लिए चेतावनी जारी कर दी गई है। रेणी में सीमा को जोड़ने वाला मुख्य मोटर मार्ग भी इस बाढ़ की चपेट में आकर बह गया है। दूसरी ओर रेणी से जोशीमठ के बीच धौली गंगा पर नेशनल थर्मल पॉवर कारपोरेशन की तपोवन विष्णुगाड़ जलविद्युत परियोजना के बैराज स्थल के आसपास के इलाके में भी कुछ आवासीय भवन बाढ़ की चपेट में आकर बह गए हैं।
उत्तराखंड सीएम घटनास्थल के लिए रवाना
उत्तराखंड सीएम ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि चमोली के रिणी गांव में ऋषिगंगा प्रोजेक्ट को भारी बारिश व अचानक पानी आने से क्षति की संभावना है। नदी में अचानक पानी आने से अलकनंदा के निचले क्षेत्रों में भी बाढ़ की संभावना है। तटीय क्षेत्रों में लोगों को अलर्ट किया गया है। नदी किनारे बसे लोगों को हटाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि एहतियातन भागीरथी नदी का फ्लो रोक दिया गया है। अलकनन्दा का पानी का बहाव रोका जा सके इसलिए श्रीनगर डैम तथा ऋषिकेष डैम को खाली करवा दिया है। SDRF अलर्ट पर है। मेरी आपसे विनती है अफवाहें न फैलाएं। मैं स्वयं घटनास्थल के लिए रवाना हो रहा हूं।
उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने के बाद उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट 
उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने से उत्पन्न हुई परिस्थितियों के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को उत्तर प्रदेश के संबंधित विभागों और अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार योगी ने कहा कि हर पहलू पर पूरी मुस्तैदी और नज़र रखी जाए। उन्होंने राज्य आपदा मोचन बल को भी मुस्तैद किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने गंगा नदी के किनारे पड़ने वाले सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को भी पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। 

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