पटना : राज्य सरकार बिहार के पुराने गौरव को वापस लाकर बेहतर शिक्षा के लिए कृत संकल्पित है। बिहार शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ठ कार्य कर बिहार गौरव की उच्च इकाई प्राप्त करना चाहती है। ये बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय परिसर भवन का उदघाटन करते हुए कही। उन्होंने कहा कि नयी पीढ़ी के युवा -युवती नई शोध एवं नई सोंच को विकसित कर आगे बढ़ेंगे तो बिहार में सम्मान एवं ज्ञान की प्रतिबद्धता का भाव जागृत होगी। इससे विकसित बिहार बनने से कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने भगवान बुद्ध, महावीर, आर्य भटट पर चर्चा करते हुए कहा कि बिहार की धरती पर महात्मा बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त कर देश व दुनिया में शांति का संदेश दिया था। वहीं महान वैज्ञानिक आर्यभट्ट ने बिहार के खगौल, मसौढ़ी एवं तरेगना टोक पर वेधशाला खोल शून्य का आविष्कार ही नहीं किया बल्कि खगोलशास्त्र को नये आयाम तक पहुंचाया। ऐसे महान खगोलशास्त्री के नाम पर आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय का स्थापना किया गया। जिसमें मेडिकल, इंजीनियरिंग के साथ बीएड कॉलेजों को जोडक़र संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आर. के. महाजन एवं आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डा. आर. के. अग्रवाल को निर्देश देते हुए कहा कि इस विश्वविद्यालय में पाटलिपुत्रा स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स सेंटर, स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन, स्कूल ऑफ जियोग्रोफिकल सेंटर, स्कूल ऑफ फिलोस्फी, स्कूल ऑफ रिवर स्टडी सेंटर, ज्योतिष स्टडी सेंटर की स्थापना कर ज्ञान के दुनिया में नाम रौशन कर इस विश्वविद्यालय में भारी संख्या में छात्र-छात्राओं की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए भावनाओं को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करें, ताकि बिहार की पुरानी गौरवशाली इतिहास को पुन: वापस लाया जा सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने डॉल्फिन पर शोध संस्थान खोलने के लिए प्रधानमंत्री से मांग किया तो उन्होंने इस कार्य को आगे बढ़ाया। पटना विश्वविद्यालय में डॉल्फिन सेंटर का भवन बनाया जा रहा है। नालंदा दूर शिक्षा विश्वविद्यालय की स्थापना नालंदा से होनी चाहिए। सभी विश्वविद्यालय को नये भवन के रूप में सुसज्जित किया जा रहा है। हम चाहते हैं कि आर्यभटट विश्वविद्यालय की खुबसूरती के साथ हकीकत में बदल जाये यह सभी लोगों का प्रयास होना चाहिए।
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि मीठापुर कृषि फार्म के खाली मैदानी भाग में जल-जमाव रहता था इस जल-जमाव से निजात पाकर मुख्यमंत्री जी ने कृषि फार्म हाउस को शिक्षा हब के रूप में तब्दील कर दिया। इस परिसर में कई विश्वविद्यालयों की स्थाापना की गयी है। राज्य सरकार ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों को 7वां वेतन आयोग की अनुशंसाएं को लागू कर पहला राज्य बन गया है। इस पर राज्य सरकार को 426 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। राज्य सरकार ने राज्य के विश्वविद्यालयों के शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की बहाली राज्य कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी सोंच से बिहार शिक्षा का शोध केन्द्र बनेगा। अध्यक्षीय भाषण में शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को शिक्षा के क्षेत्र में अद्भूत विकास पर शुभकामना देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की सोंच से शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में सुमार है। कार्यक्रम का स्वागत आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डा. प्रो. अरूण कुमार अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आर के महाजन, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार, मुख्यमंत्री के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह, विधान पार्षद रणवीर नंदन, छोटी सिंह, सचिव चंचल कुमार, मनीष वर्मा, एनआईटी के निदेशक पी. के. जैन, कुलपति खालिद मिर्जा, कुलपति आर के सिंह इत्यादि शामिल थे।


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