पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में आगामी पंचायत चुनाव के लिए नामांकन को लेकर मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस और इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प के बाद भांगर युद्ध के मैदान में तब्दील हो गया।ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस के सामने दोनों पार्टियों के प्रत्याशी नामांकन दाखिल करने पहुंचे, इसी दौरान उनके बीच मारपीट शुरू हो गई।
मिनटों के भीतर यह क्षेत्र एक युद्ध के मैदान में बदल गया। पहले दोनों तरफ से भारी पथराव हुआ और इसके बाद भारी बमबारी हुई। मंगलवार को नामांकन का चौथा दिन है। पिछले तीन दिनों की तरह इस बार भी राज्य के अलग-अलग इलाकों से हिंसा की खबरें आई हैं, जिसमें भांगर सबसे गंभीर क्षेत्र है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जब मौके पर पुलिस दल पहुंचा तो, दोनों पक्षों के समर्थकों ने सुरक्षाकर्मियों पर पथराव किया और देशी बम भी फेंके।
हमले में कुछ सुरक्षाकर्मियों के घायल होने के कारण पुलिस बलों को शुरू में पीछे हटना पड़ा। हालांकि, पुलिस ने जल्द ही जवाबी कार्रवाई की और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। तृणमूल कांग्रेस और ISF दोनों के नेतृत्व ने घटना को लेकर अलग-अलग आरोप लगाए हैं। एक ओर, ISF नेतृत्व ने दावा किया है कि झड़पें तब हुईं जब सत्तारूढ़ पार्टी ने उनके उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने की कोशिश की।
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने ISF कार्यकर्ताओं पर सत्ताधारी पार्टी के उम्मीदवारों पर अकारण हमले करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले के संबंध में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है। रिपोर्ट लिखे जाने तक भांगर में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी और छिटपुट झड़पों की खबरें आ रही थीं।


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