कोरोना महामारी के प्रकोप के बीच वैक्सीन की कमी को देखते हुए बृह्नमुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने ग्लोबल टेंडर जारी किया है, लेकिन इस फैसले से चीन को बाहर रखा गया है। वैक्सीनेशन को तेजी देने के लिए बीएमसी द्वारा यह निर्णय लिया गया है।
बीएमसी के अतिरिक्त नगर आयुक्त पी. वेलरासु ने कहा, ‘हमने केवल एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट मंगाई है और एक शर्त रखी है कि सभी प्रमाणन और अनुमोदन वैक्सीन निर्माताओं की आवश्यकता होगी। उन्हें यह भारत सरकार और ड्रग कंटोलर से प्राप्त करना होगा। रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई), अभी के लिए, एक करोड़ खुराकों की खरीद करना है। इसके लिए सबसे अच्छे अंतरराष्ट्रीय अभ्यास का पालन किया जाएगा। अंतत: हम सभी केंद्र सरकार की शर्तों से बाध्य होंगे।”
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वेलरासु ने यह भी पुष्टि की कि बीएमसी ने एक शर्त भी रखी है कि आवेदक भारत के साथ सीमा साझा करने वाले देशों के नहीं होने चाहिए, जो चीनी वैक्सीन निर्माताओं के प्रवेश को प्रतिबंधित करेगा। नगर निकाय के एक अधिकारी ने कहा कि इच्छुक पार्टियों को 18 मई को अपराह्न एक बजे से पहले अपने ईओआई दाखिल करनी होगी और उसी दिन दोपहर तीन बजे इन्हें खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि कार्य आदेश जारी होने वाले दिन से कंपनी को तीन सप्ताह के भीतर टीके की पूरी मात्रा की आपूर्ति करनी होगी। टेंडर में कहा गया, ”आवेदक के पास भारत को कोविड-19 टीका आयात करने और उत्पादन का वैध लाइसेंस होना चाहिए।”
मुंबई के प्रभारी मंत्री आदित्य ठाकरे ने सोमवार को ट्वीट किया, “मुंबई में टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के लिए अभिभावक मंत्री के रूप में सीएम उद्धव ठाकरे जी के साथ इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी। इसके बाद प्रयाप्त टीकों की आवश्यकता को देखते हुए बीएमसी को वैक्सीन की वैश्विक खरीद की संभावनाएं तलाशने के लिए कहा गया है।”
गौरतलब है कि टीके की कमी के चलते मुंबई में पिछले एक महीने से टीकाकरण अभियान बुरी तरह से प्रभावित हुआ है, जिसके चलते बीएमसी को कुछ दिन के लिए अभियान को निलंबित करने पर भी मजबूर होना पड़ा।


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