छत्तीसगढ़ विधानसभा के सचिव चंद्र शेखर गंगराड़े ने आज यहां भाषा को बताया कि विधानसभा का मानसून सत्र इस शुक्रवार 12 जुलाई से 19 जुलाई के मध्य होगा। इस सत्र में कुल छह बैठकें होंगी। गंगराड़े ने बताया कि मानसून सत्र के दौरान सदस्यों के निधन का उल्लेख, प्रश्न उत्तर, वित्तीय और विधायी कार्य होगा। इस दौरान राज्य सरकार अनुपूरक बजट भी पेश करेगी। सचिव ने बताया कि पंचम विधानसभा के इस दूसरे सत्र, मानसून सत्र के लिए विधायकों से अभी तक कुल 946 प्रश्न प्राप्त हुआ है।
राज्य में वर्ष 2018 में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस की सरकार बनने के बाद यह दूसरा विधानसभा सत्र है। इस वर्ष लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद यह पहला मौका है जब विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने सामने होगा। विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के बाद लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जहां 90 में से 68 सीटों पर जीत हासिल की थी वहीं लोकसभा चुनाव में पार्टी को 11 में से केवल दो सीटें ही मिल पाई। जबकि नौ सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत हासिल की है।
लोकसभा चुनाव में जीत से उत्साहित भारतीय जनता पार्टी मानसून सत्र के दौरान सरकार को घेरने की कोशिश करेगी। विधानसभा में विपक्ष के नेता धरमलाल कौशिक ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार नक्सल मुद्दे पर विफल रही है। लोकसभा चुनाव के दौरान दंतेवाड़ा क्षेत्र के भाजपा के विधायक भीमा मंडावी की नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। इस विषय को भी विधानसभा में उठाया जाएगा। साथ ही राज्य में कथित रूप से बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी सरकार से सवाल किया जाएगा।
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कौशिक ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में किसानों की स्थिति खराब है, उन्हें खाद, बीज नहीं मिल पा रहा है जिससे राज्य के किसान नाराज हैं। राज्य में विकास के काम ठप है। इन सभी मुद्दों को सदन में उठाया जाएगा। वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि राज्य में नई सरकार के गठन के बाद से लगातार विकास के काम हो रहे हैं तथा किसानों के हित में कई फैसले लिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता शैलेष नितिन त्रिवेदी कहते हैं कि मानसून सत्र में विधायक किसानों के मुद्दे प्रमुख रूप से उठाएंगे। राज्य में नई सरकार के गठन के बाद किसानों का कर्ज माफ किया गया तथा किसानों के हित में कई फैसले लिए गए। वहीं राज्य में शहर और गांवों के विकास के लिए लगातार काम किए जा रहे हैं। त्रिवेदी कहते हैं कि राज्य सरकार राज्य में जल की उपयोगिता के लिए विधेयक विधानसभा में ला सकती है। यह विधेयक भी किसानों के हित में है।


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