नई दिल्ली में स्थित नेहरू संग्रहालय यानी ‘द नेहरू मेमोरियल म्यूजियम’ का नाम अब ‘प्रधानमंत्री संग्रहालय’ होगा। संग्रहालय का नाम बदलने पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़ी आपत्ति जाहिर की है। पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो खुद की लकीर बड़ी नहीं कर पाते, वो दूसरों की लकीर मिटाने की कोशिश करते हैं।
सीएम बघेल ने प्रधानमंत्री मोदी का नाम लिए बिना ट्वीट करते हुए कहा, जो खुद की लकीर बड़ी नहीं कर पाते, वो दूसरों की लकीर मिटाने की कोशिश करते हैं। लेकिन अज्ञानतावश उनकी आत्ममुग्धता और संकीर्ण सोच इन्हें यह एहसास नहीं होने देती कि लकीर मिटाने से उनके योगदान के निशान नहीं मिटते।
जो खुद की लकीर बड़ी नहीं कर पाते, वो दूसरों की लकीर मिटाने की कोशिश करते हैं।
लेकिन अज्ञानतावश उनकी आत्ममुग्धता और संकीर्ण सोच इन्हें यह एहसास नहीं होने देती कि लकीर मिटाने से उनके योगदान के निशान नहीं मिटते।
गांधी-नेहरू इस लोकतंत्र की आत्मा के संरक्षक हैं। pic.twitter.com/X2ecOSkaiv
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) March 30, 2022
उन्होंने कहा कि गांधी-नेहरू इस लोकतंत्र की आत्मा के संरक्षक हैं। भूपेश बघेल ने कहा कि नेहरू जी सिर्फ देश के पहले प्रधानमंत्री ही नही थे बल्कि देश की आजादी की लड़ाई के अग्रणी पुरोधाओं में थे। उन्होंने आजादी के लिए साढ़े नौ वर्ष से अधिक जेलों में बिताए थे।
दरअसल, तीन मूर्ति भवन पर बने इस ‘प्रधानमंत्री संग्रहालय’ का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के जन्मदिन के मौके पर किया जाएगा। हालांकि नाम बदलने को लेकर छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल इन बीजेपी और पीएम मोदी पर निशाना साधा है।


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