छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में एक चर्च में कथित तौर पर तोड़फोड़ करने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने के मामले में छह और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। मामले में अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। नारायणपुर जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में कथित धर्म परिवर्तन के खिलाफ सोमवार को हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान एक निजी स्कूल स्थित चर्च में तोड़फोड़ की गई थी और एक आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) अधिकारी सहित छह पुलिसकर्मियों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया गया था। नारायणपुर जिले के पुलिस अधीक्षक सदानंद कुमार ने बताया कि शहर में एक समुदाय के लोगों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ और पुलिसकर्मियों पर हमला करने के मामले में शुक्रवार को छह और लोगों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने निरंजन करंगा (22), रमेश पोटाई (35), सुकमन नेताम (22), लहरू राम नेताम (33), मंगउ राम कावड़े (32) और राजु राम दुग्गा (32) को गिरफ्तार किया है। मालूम हो कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान चर्च से प्रदर्शनकारियों को बाहर निकालने की कोशिश में सदानंद कुमार के सिर में चोट लगी थी। कुमार ने बताया कि उन पर पीछे से हमला किया गया था और हमला करने वाला व्यक्ति शुक्रवार को गिरफ्तार किए गए छह लोगों में शामिल है। कुमार के मुताबिक, घटना के सिलसिले में पुलिस इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजापा) के नारायणपुर जिला अध्यक्ष समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
कुमार के अनुसार, नारायणपुर जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है और क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण है। पिछले महीने ईसाई समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में नारायणपुर कलेक्टर कार्यालय के सामने विरोध-प्रदर्शन किया था। आदिवासी बहुल जिले के कम से कम 14 गांवों के प्रदर्शनकारियों ने दावा किया था कि ईसाई धर्म का पालन करने के कारण उन पर कथित रूप से हमला किया गया और उन्हें उनके घरों से निकाल दिया गया। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की थी।


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