त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने कुछ विपक्षी दलों द्वारा बेरोजगारी को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके 20 महीने के कार्यकाल में 2,300 से अधिक लोगों को सरकारी नौकरियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और उसकी सहयोगी इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) ने मार्च 2018 में त्रिपुरा विधानसभा में दो तिहाई बहुमत से जीत हासिल कर इतिहास रचा और माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे के 25 साल के शासन का खात्मा किया।
उन्होंने कहा, ‘‘कुछ राजनीतिक दल राज्य सरकार को बदनाम करने के इरादे से हमारे कार्यकाल में बेरोजगारी को लेकर अफवाह फैला रहे हैं लेकिन तथ्य यह है कि नयी सरकार के कार्यकाल के दौरान 2,300 से अधिक सरकारी नौकरियां दी गईं जिनमें से 1,903 नियमित नौकरियां हैं।’’ देब ने कहा, ‘‘अब लोगों को राजनीतिक रैलियों में नहीं जाना पड़ता है, पार्टी दफ्तरों में नेताओं या विधायकों से नहीं मिलना पड़ता है और न ही नौकरी के लिए आवेदन करने के बाद 10 साल तक इंजतार करना पड़ता है। योग्य उम्मीदवारों को पारदर्शी भर्ती नीति से नौकरियां मिल रही हैं।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘बेबुनियाद’’ सूचनाओं के आधार पर लोगों को भ्रमित करने को लेकर किया जा रहा ‘‘लगातार प्रयास’’ सफल नहीं होगा क्योंकि लोग हकीकत समझते हैं। देब ने यहां मंगलवार को ‘त्रिपुरा एससी वेलफेयर एंड एससी कॉरपोरेशन लिमिटेड’ द्वारा आयोजित रक्तदान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। भारतीय जनता पार्टी ने अपने घोषणापत्र में सभी के लिए रोजगार सुनिश्चित करने की बात कहते हुए वादा किया था कि अगर वह सत्ता में आई तो राज्य सरकार में खाली पड़े 50,000 पदों को भरेगी।


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