कर्नाटक की राजधानी में पेट्रोल और डीजल में दामों में हो रही बढ़ोतरी के खिलाफ सोमवार को कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कर्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की । प्रदर्शनकारी अपने हाथों में तख्तियां एवं पोस्टर लिये हुये थे । इसके अलावा कार्यकर्ताओं ने सोशल डिस्टेंसिंग समेत कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिये बनाये गये अन्य प्रावधानों का उल्लंघन हुआ और मौके पर बड़ी संख्या में कांगेस कार्यकर्ता उपस्थित हो गये।
तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी के खिलाफ कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के आलोक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी के शिवकुमार एवं पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कांग्रेस कार्यालय तक साइकिल रैली निकाली। कांग्रेस कार्यालय पहुंचने के बाद यह रैली एक धरना में तब्दील हो गयी। बाद में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुये सिद्धरमैया ने कहा कि सभी आवश्यक चीजों की कीमतों में बढ़ोत्तरी हुयी है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, तब ईंधन की कीमत कभी 75 रुपये से अधिक नहीं हुई। आज, न केवल ईंधन की बल्कि सभी आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ी हैं । मौजूदा समय में आम लोगों के लिये जीना मुहाल हो गया है।’
ईंधन की बढ़ती कीमतों के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए
पिछले तीन हफ्ते में 22 बार पेट्रोल डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी हुयी है और इस तरह कुल 11 रुपये 14 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुयी है। धरना में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिये बनाये नियमों का पालन नहीं किया गया। कांग्रेस नेता अगल-बगल बैठे थे। अधिकतर नेताओं ने मास्क नहीं पहना था और न ही पांच से अधिक लोगों के एक जगह जमा होने के नियम का पालन किया गया।
यह धरना ऐसे समय में हुआ है जब बेंगलुरू में अप्रत्याशित रूप से कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं । रविवार की शाम प्रदेश में कोरोना वायरस के 1267 नये मामले सामने आये थे जिनमें से 783 मामले बेंगलुरू के थे। इसी प्रकार शनिवार को बेंगलुरू में 400 नये मामलों के साथ पूरे प्रदेश में 918 मामला सामने आया था।


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