नैनीताल : उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अदालत के आदेश के बावजूद याचिकाकर्ता को सेवा विस्तार नहीं देने के मामले में बुधवार को प्रदेश के आपदा प्रबंधन सचिव तथा बागेश्वर के जिलाधिकारी को अवमानना नोटिस जारी किया। उल्लेखनीय है कि याचिकाकर्ता कुंदन प्रसाद तिवाड़ी ने वर्ष 2018 अदालत में एक याचिका दायर करके कहा था कि वह जिला आपदा प्रबंधन विभाग बागेश्वर में अनुसेवक के पद पर संविदा पर तैनात था।
यहां पर वह वर्ष 2003 से काम कर रहा था, लेकिन पांच अक्टूबर 2013 को आपदा प्रबंधन विभाग ने उसे सेवा विस्तार नहीं दिया जबकि उसके दो अन्य साथियों को सेवा विस्तार दे दिया। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता डीके जोशी ने बताया कि कुंदन की याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने छह मार्च 2018 को एक आदेश जारी कर उसे सेवा विस्तार देने के निर्देश दिये। इसके बाद सरकार ने इस मामले में विशेष याचिका दायर कर दी और एकलपीठ के आदेश को चुनौती दी, लेकिन युगलपीठ ने भी राज्य सरकार की विशेष अपील को खारिज कर दिया और एकलपीठ के आदेश को बरकरार रखा।
जोशी ने बताया कि इसके बाद भी आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से याचिकाकर्ता को सेवा में नहीं लिया गया। याचिकाकर्ता की ओर से फिर इस मामले में अवमानना याचिका दायर की गयी, जिसपर सुनवाई करते हुए अदालत ने आज दोनों अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी किया।


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