हरिद्वार, संजय चौहान (पंजाब केसरी): कुत्ते पालने के लायसेंस की बाबत नगर निगम अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पा रहा है। पंजीकरण करवाने और जुर्माना लगाने की कार्रवाई नहीं कर रहा है। नगर निगम में एक भी व्यक्ति ने कुत्ता पालने का पंजीकरण नहीं कराया है।कनखल में जिस पिटबुल डॉग ने नौ साल के बच्चे पर हमला किया उसे पालने के लिए मालिक ने नगर निगम में पंजीकरण नहीं कराया था। बिना पंजीकरण के ही खूंखार नस्ल के कुत्ते को पाला है। नगर निगम क्षेत्र में किसी भी तरह का कुत्ता पालने के लिए नगर निगम में पंजीकरण कराकर लाइसेंस लेना जरूरी होता है। बिना लाइसेंस के कुत्ता पालने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना और जेल का भी प्राविधान है।
नगर निगम के एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हरिद्वार नगर निगम में आज तक एक भी लाइसेंस कुत्ता पालने के लिए निगम से नहीं लिया गया है। शहर के विभिन्न इलाकों में लोग खूंखार कुत्ते पाल रहे हैं। सीओ सिटी मनोज कुमार ठाकुर का कहना है कि इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। विवेचना में अगर बिना लाइसेंस कुत्ता पालने की बात सामने आती है अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। हरिद्वार नगर निगम मेयर अनीता शर्मा का कहना है कि कुत्ता पालने से संबंधित पंजीकरण को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी। कुत्ता पालने के लिए जो नियम है तो उसे लागू किया जाना चाहिए।आपको बताते चलें जानकारों की पिटबुल नस्ल का कुत्ता गुस्सैल और आक्रामक माना जाता है। यह बेहद चौकन्ना, सतर्क और फुर्तीला होता है। ये कुत्ता अपने क्षेत्र में किसी दूसरे व्यक्ति को देखते ही आक्रामक और हमलावर हो जाता है। वैसे तो नगर निगम आवारा कुत्तों को भी पकड़ने से परहेज करता है। कनखल क्षेत्र में आवारा कुत्तों का बहुत आतंक है। ये कुत्ते कई लोगों को काट कर घायल कर चुके है।


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